अतिक्रमण हटाओ अभियान के विरोध में धरना
दुकानें बंदकर सुभाष चौक पर जुटे व्यापारियों ने उत्पीड़न का आरोप लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में शुक्रवार को सिविल लाइंस रोड पर प्रशासन व नगर पालिका की ओर से चलाए गए अतिक्रमण अभियान के विरोध में शनिवार को व्यापारियों ने दुकानें बंद कर सुभाष चौक पर धरना प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। व्यापारिक संगठनों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर समस्या के समाधान की मांग की है। चेताया है कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगे भी धरना प्रदर्शन कर विरोध जताएंगे।
सुबह से शहर की अधिकतर दुकानें बंद रहीं। जनपद व्यापार मंडल ने शहर के सुभाष चौक पर धरना प्रदर्शन करते प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। व्यापारी नेता प्रशासन पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर उत्पीड़न कर आरोप लगाने लगे।
जनपद व्यापार मंडल के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल ने कहा कि सिविल लाइन रोड स्थित दुकानदारों का उत्पीड़न किया जा रहा है। अगर प्रशासन हमारी मांगों को नहीं मानता है तो आगे भी विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उप्र उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक रविंद्र प्रताप मल्ल ने कहा कि सिविल लाइंस रोड पर पहले छज्जा लगाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन अब अतिक्रमण माना जा रहा है। व्यापारियों का उत्पीड़न निंदनीय है।
व्यापार मंडल के संरक्षक विजय प्रसाद ने कहा कि आए दिन प्रशासन विभिन्न तरीकों से व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहा है। इसे तत्काल रोका जाए। जिला उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष शक्ति गुप्ता ने कहा कि प्रशासन पहले पार्किंग की व्यवस्था करें। अगर इसी तरह उत्पीड़न जारी रहा तो पूरे जिले में व्यापारी आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
व्यापारियों के धरना प्रदर्शन की जानकारी होने पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन गौरव श्रीवास्तव मौके पर पहुंच गए, जहां जनपद व्यापार मंडल, संयुक्त व्यापार मंडल और जिला उद्योग व्यापार मंडल ने पांच सूत्रीय ज्ञापन देकर मांगों को पूरा करने की मांग की है। इस दौरान पुरुषोतम मरोदिया, वासुदेव वर्मा, जीवन लाल, योगेश सिंह, संतोष बरनवाल, विष्णु अग्रवाल, विवेक कमानी, अजय नांगलिया, रितेश, बैजनाथ सोनी, मनोज गौड़, कुसमाकर तिवारी, मंटू बाबू, विजय बरनवाल आदि मौजूद रहे।
य हैं मांगें
सिविल लाइंस रोड पर टीन शेड लगवाने की अनुमति दी जाए।
शहर में पांच पार्किंग की व्यवस्था की जाए।
ई रिक्शा का रूट निर्धारित किया जाए।
ठेला, पटरी व्यवसायियोें का चालान माफ हो।
विभिन्न जगहों पर जर्जर सड़कों का निर्माण कराया जाए।