गुजर गए तीन साल ठंडे बस्ते में हैं कई प्रस्ताव, नगर पालिका को हो रहा तीन करोड़ का नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका की बोर्ड बैठक शनिवार को होनी है। हर बार की तरह इस बार भी कई प्रस्ताव सदन के समक्ष आएंगे। प्रस्तावों पर सहमति तो बनेगी मगर धरातल पर कितने उतर पाएंगे कहा नहीं जा सकता। कारण कि पिछली बैठकों में पास हुए कई प्रस्ताव प्रोसिडिंग बुक में ही बंद पड़े हैं।
पिछले कार्यकाल में सड़क व नाली निर्माण से जुड़े 20 से अधिक प्रस्ताव पास हुए। कुछ का टेंडर भी हुआ, लेकिन काम नहीं कराए गए। आश्वासनों के सहारे हिचकोले बर्दाश्त कर रही जनता अब पूर्व सभासद व वर्तमान सभासदों से सवाल पूछ रही है। लोगों का कहना है कि तब कहा जा रहा था कि सड़क निर्माण के लिए बोर्ड में प्रस्ताव पास हो गया है। कार्यकाल बीतने के बाद भी सड़कें नहीं बनीं।
इसी प्रकार शहर में चल रहे ई-रिक्शा वाहनों से लाइसेंस शुल्क वसूलने का प्रस्ताव, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए यूजर चार्ज, ऑडिटोरियम के नामकरण का प्रस्ताव आज भी प्रोसिंडिंग बुक में अटका पड़ा है। ई-रिक्शा से लाइसेंस शुल्क वसूल न होने व डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन पर यूजर चार्ज न वसूलने से नगर पालिका को करीब तीन करोड़ रुपये सालाना राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसका असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है। बजट के अभाव में सड़क, नाली मरम्मत आदि जरूरी कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
चकियवा वार्ड में सड़क का नहीं हो पाया निर्माण
चकियवा वार्ड के पूर्व सभासद दिनेश शुक्ला ने बताया कि पालिका के पिछले कार्यकाल में चकियवा वार्ड में रमेश चौरसिया के घर से शर्मा जी वकील का घर होते हुए टिंकू पांडेय के मकान तक, सिटी मांटेसरी इंटर कालेज के गेट से मेन रोड तक व सत्यप्रकाश चौरसिया के घर से राजीव श्रीवास्तव के घर तक सीसी सड़क व नाली का निर्माण होना था। बोर्ड में प्रस्ताव पास होने के बाद करीब 30 लाख की लागत का टेंडर भी कराया गया। अबतक सड़क नहीं बनीं है। सिटी मांटेसरी के पांच सौ से अधिक बच्चे बरसात में दुश्वारी झेलने को मजबूर होते हैं।
नहीं हो पाया ऑडिटोरियम का नामकरण
टाऊनहाल स्थित प्रेक्षागृह का निर्माण वर्ष 2016-17 में नया सवेरा योजना से शुरू हुआ। 21 दिसंबर 2019 को हुई नगर पालिका बोर्ड बैठक में वार्ड नंबर 17 के सभासद आशुतोष तिवारी ने प्रेक्षागृह का नाम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर करने का प्रस्ताव रखा। जिसे सदन ने सर्व सम्मति से मंजूरी दी। प्रेक्षागृह के भीतर पूर्व सांसद स्वर्गीय मोहन सिंह की प्रतिमा स्थापित कर दी गई है। हालांकि किसने यह प्रतिमा रखवाई आजतक इसका खुलासा नहीं हो पाया है। मूर्ति जस की तस ऑडिटोरियम में पड़ी है। नामकरण का प्रस्ताव प्रोसिडिंग बुक तक सिमटा है।
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ठंडे बस्ते में ई-रिक्शा से लाइसेंस शुल्क वसूली का प्रस्ताव
तीन साल पूर्व नगर पालिका ने बोर्ड बैठक में ई-रिक्शा से लाइसेंस शुल्क वसूली का प्रस्ताव पास किया था। इसकी कार्ययोजना भी बना ली गई थी। प्रति ई-रिक्शा से दो हजार रुपये सालाना लाइसेंस शुल्क लिया जाना था। शहर में करीब पांच हजार ई-रिक्शा चलते हैं। उम्मीद थी कि इससे करीब एक करोड़ रुपये पालिका को आय होगी। लेकिन यह प्रस्ताव धरातल पर नहीं उतर पाया।
कूड़ा कलेक्शन यूजर चार्ज
नगर पालिका ने पूर्व के बोर्ड बैठक में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन पर यूजर चार्ज लगाने का प्रस्ताव पास किया है। इसमें आवासीय भवन से 50 रुपये कामर्शियल से 200 रुपये प्रतिमाह यूजर चार्ज लिया जाना है। उम्मीद थी कि इस योजना से नगर पालिका को करीब दो करोड़ सालाना आय होगी। इस धनराशि को सफाई संसाधनों क्रय पर खर्च किया जाना था। ताकि स्वच्छ देवरिया, सुंदर देवरिया का सपना साकार हो सके। यह प्रस्ताव पास होकर भी धरातल पर नहीं उतर पाया है।
बोले सभासद
एक बार नहीं दो-दो बार टाउनहाल स्थित ऑडिटोरियम का नामकरण भारत रत्न अटल बिहारी वायपेयी के नाम पर करने का सदन में प्रस्ताव पास हुआ है। अधिशासी अधिकारी से बात करने पर वह गोल-मटोल जवाब दे रहे हैं। हमें नहीं लग रहा है कि कोई कानूनी कार्रवाई करने में सक्षम हैं। लिहाजा मैंने जन सूचना अधिकार के तहत प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। - आशुतोष तिवारी पूर्व सभासद
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बोर्ड की बैठक में जो भी प्रस्ताव पास होते हैं, उस पर अमल करना नगर पालिका प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। नगर पालिका की आय नहीं बढ़ेगी तभी नगरवासियों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया हो पाएंगी। इसी सोच के साथ पिछले कार्यकाल में राजस्व वृद्धि संबंधी कई अहम फैसले लिए गए थे।
- अमित मिश्रा सभासद
बोर्ड में प्रस्ताव पास होने के बाद डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन पर यूजर चार्ज की वसूली शुरू की गई थी। बाद के दिनों में इसका विरोध होने लगा। जिसके चलते वसूली स्थगित है। आडिटोरियम के नामकरण का मामला विवादित हो जाने के कारण शासन स्तर पर लंबित है। राजस्व वृद्धि से संबंधित जो भी प्रस्ताव पास हुए हैं उन्हें लागू कराया जाएगा।
- रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद देवरिया