राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम की मांग पर समाज कल्याण विभाग के निदेशक ने डीएम को भेजा पत्र
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय खुलने से अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के बच्चे निशुल्क कर सकेंगे पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के बच्चों को आवासीय शिक्षा देने के लिए विधान सभा क्षेत्र में जल्द राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय खुलने की उम्मीद जगी है। इसके लिए राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने शासन में पहल की थी। राज्य मंत्री के पहल पर समाज कल्याण निदेशक का पत्र मिलने के बाद समाज कल्याण विभाग तहसील प्रशासन से मिलकर भूमि की तलाश शुरू कर दी है।
राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार समाज कल्याण असीम अरुण ने समाज कल्याण विभाग को पत्र भेजकर कहा है कि राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम के संलग्न पत्र का अवलोकन करें। राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम द्वारा अवगत कराया गया है कि इनका विधानसभा क्षेत्र सलेमपुर का शैक्षिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र है। क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान स्थानीय व्यक्तियों द्वारा क्षेत्र की बालिकाओं के शैक्षिक उत्थान के लिए एक राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय की स्थापना कराए जाने का अनुरोध किया जाता रहा है।
निदेशक समाज कल्याण ने डीएम को पत्र भेजकर विधान सभा क्षेत्र सलेमपुर में भूमि का चयन करने का प्रस्ताव मांगा है। इसके बाद तहसील प्रशासन भूमि की तलाश में जुट गया है। राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय खुलने से अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के बच्चे पढ़ाई कर सकेंगे। आश्रम पद्धति विद्यालय बनने से क्षेत्र के अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के बच्चों को 12वीं तक निशुल्क पढ़ाई करने में सुविधा होगी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी जायसवाल लालबहादुर ने बताया कि सलेमपुर विधान सभा क्षेत्र में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय की स्थापना के लिए भूमि की तलाश की जा रही है। इसके लिए कम से कम पांच एकड़ जमीन चाहिए। भूमि चिह्नित कर विभाग को भेजा जाएगा।
इंसेट में
रावतपार रघेन में सात एकड़ से अधिक भूमि है बंजर
सलेमपुर। तहसील क्षेत्र के रावत पार रघेन गांव में करीब सात एकड़ बंजर की भूमि खाली पड़ी हुई है। यहां वर्तमान समय में चहारदीवारी बनाकर छोड़ा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस भूमि को तहसील प्रशासन चिह्नित कर विभाग को भेज सकता है।