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हरे पेड़ की कटान पर प्रापर्टी डीलर व ग्रामीण आमने-सामने

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हरे पेड़ की कटान पर प्रापर्टी डीलर व ग्रामीण आमने-सामने
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वन दरोगा पर महुआ के हरे पेड़ों की कटाई के लिए परमिट देने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बघौचघाट। स्थानीय थाना क्षेत्र के कोयरपट्टी गावं में महुआ के हरे पेड़ों की कटान को लेकर प्रापर्टी डीलर तथा ग्रामीण आमने-सामने आ गए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराया। लगभग एक घंटे तक कोयर पट्टी गांव के सामने बघौचघाट-देवरिया मुख्य मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। घटना से तनाव है।
क्षेत्र के कोयरपट्टी गावं में तमकुही इस्टेट की कई हेक्टेयर जमीन है। इस पर इस समय उसी परिवार की महिलाओं का मालिकाना हक है। भू स्वामी महिला ने जमीन का पार्टीशन कराकर बिक्री शुरू कर दी है। इसी जमीन का कुछ हिस्सा महुआरी गांव की एक महिला ने खरीदा है। इस जमीन पर महुआ के पेड़ हैं। इसको वन विभाग से परमिट कराकर रविवार की सुबह काटा जा रहा था।
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पता चलने पर कोयरपट्टी गांव के सैकड़ों ग्रामीण पहुंच गए और पेड़ काटने का विरोध करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ग्रामीणों ने पथराव भी किया। इससे कुछ गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पथरदेवा वन दरोगा नंदकिशोर से भी ग्रामीणों की कहासुनी हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन दरोगा ने जो परमिट दिया है वह अवैधानिक है।
मामला और गर्म होता तब तक थाना प्रभारी भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए मामला शांत कराए। थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि हरा पेड़ काटने का मामला था, जिसको सुलझा लिया गया है। स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।
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वन विभाग की मिलीभगत से हो रही थी कटान
बघौचघाट। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह से शिकायत की कि वन विभाग की मिलीभगत से पेड़ों की कटान की जा रही है। डीएम ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए रेंजर को मौके पर भेज कर पेड़ के कटान को रोकवा दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ।
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