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Deoria News: पाॅलिटेक्निक में प्रवेश के लिए शुरू हुई प्रक्रिया, ऑनलाइन होगी परीक्षा

Sat, 03 Feb 2024 01:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। 29 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। 16 मार्च से लेकर 22 मार्च तक ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा होगी। इच्छुक अभ्यर्थियों की दिक्कतों के समाधान के लिए राजकीय पाॅलिटेक्निक में हेल्प डेस्क बनाई गई है। यहां हर रोज विद्यार्थी आकर पूछताछ कर रहे हैं।
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जिले में वर्तमान में दो राजकीय पॉलिटेक्निक संचालित हो रहे हैं। इसमें शहर स्थित राजकीय पाॅलिटेक्निक में सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग इंड्रस्टि्रयल कंट्रोल, इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर असिस्टेंटशिप में 75-75 सीटें हैं। वहीं, गौरीबाजार के चरियांव स्थित राजकीय पाॅलिटेक्निक में इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग इन्वायरमेंटल एंड पोल्युशन कंट्रोल में स्पेशलाइजेशन कोर्स में 75-75 सीटें हैं। विभिन्न ब्रांचो में 75-75 सीटें हैं। राजकीय पॉलिटेक्निक में इसके लिए हेल्प डेस्क भी बनाई गई है।
राजकीय पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य डीके गौतम ने शुक्रवार को बताया कि प्रदेश के सभी राजकीय, अनुदानित एवं निजी पॉलिटेक्निक एवं फाॅर्मेेसी कॉलेजों में सत्र 2024-25 के लिए प्रवेश के लिए ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा 16 मार्च से 22 मार्च के मध्य होगी। इसके लिए आवेदन जनवरी माह से ही प्रारंभ हो गया है। 29 फरवरी तक आवेदन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। वर्ष 2019 के पहले संयुक्त प्रवेश परीक्षा ऑफलाइन होती थी। कोरोना के चलते इसके बाद से हर वर्ष प्रवेश के लिए ऑनलाइन परीक्षा होने लगी। जिले के जो भी छात्र इस वर्ष पाॅलिटेक्निक परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, वे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अगर इसमें उन्हें कोई दिक्कत आ रही हो तो कॉलेज परिसर में एक हेल्पडेस्क भी बनाई गई है। यहां आकर आवेदन भी ऑनलाइन किया जा सकेगा।
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घट रही है पाॅलिटेक्निक कम में प्रवेश की रुचि
कोरोना काल के बाद से ही प्रदेश के पाॅलिटेक्निक कॉलेजों में हर वर्ष सीटें खाली रह जा रही है। छात्रों का रुझान बढ़े, इसलिए सीटों को भरने के लिए जिम्मेदारों को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानाचार्य डीके गौतम ने बताया कि अब कई प्राइवेट पाॅलिटेक्निक व फार्मेसी कॉलेज खुल गए हैं। ज्यादातर छात्र उधर ही रुख कर ले रहे हैं। पहले राजकीय पाॅलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश के लिए होड़ लगी रहती थी। कोर्स पूरा होने के बाद नौकरी की गारंटी होती थी, अब परिदृश्य में बदलाव होने से ऐसा नहीं है। सरकारी क्षेत्रों में नौकरी के अवसर कम हुए हैं। ऐसे में इधर छात्रों का रुझान घटा है।
कोट

जिले में संचालित हो रहे फाॅर्मेसी के 22 प्राइवेट कॉलेज
इधर पैरा मेडिकल से जुड़े कोर्स में लड़कियों का रुझान ज्यादा बढ़ा है। अभिभावक भी सरकारी व निजी क्षेत्रों में रोजगार के अधिक अवसर इस क्षेत्र में ही देख रहे हैं। जनपद में वर्तमान में फाॅर्मेसी के 22 निजी कॉलेज चल रहे हैं। इनमें डिप्लोमा इन फाॅर्मेसी का कोर्स चल रहा है। इनमें भी प्रवेश संयुक्त ऑनलाइन परीक्षा के आधार पर ही होता है।
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