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Deoria News: मशीन ठीक होने में लगेंगे 12 दिन, 600 मरीजों को बाहर से एक्स-रे के लिए करना होगा तीन लाख खर्च

Sat, 04 May 2024 12:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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मेडिकल कॉलेज में एक्स रे कराने के लिए मरीज ​व तिमारदारो की लगी भीड।संवाद
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- फोटो
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मेडिकल कॉलेज में एक पखवाड़े से ठप है डिजिटल एक्स-रे से कमर, कूल्हे, गर्दन की जांच
तीन सदस्यीय इंजीनियरों की जांच टीम ने दूसरी बार में पकड़ा फाॅल्ट, स्पेन से पार्ट्स आने के बाद शुरू होगी सेवा
हर रोज 50 से 60 की संख्या में लौट रहे कमर, कूल्हे, गर्दन से पीड़ित मरीज


संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज की डिजिटल एक्स-रे मशीन से जांच शुरू होने में अभी 12 दिन समय लगेगा। इंजीनियरों की टीम ने ट्यूब जलने की बात कही है। इससे स्पेन से पार्ट्स मंगाने के बाद मशीन ठीक होगी। ऐसे में कूल्हा, गर्दन, कमर से पीड़ित करीब 600 लोगों को निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ेगा, जहां सभी को मिलाकर करीब तीन लाख रुपये खर्च करना पड़ेगा। इतने ही लोग अब तक बाहर एक्स-रे करा भी चुके हैं। एक नई मशीन लगी है, लेकिन उसे चालू नहीं किया जा रहा है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्स-रे सेंटर में 24 घंटे जांच की सुविधा है। पर एक पखवाड़े से इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। मशीन का ट्यूब जलने से जांच ठप हो गई। वहीं, ओपीडी के आर्थो, चेस्ट, मेडिसिन सहित अन्य विभागों से डॉक्टर, मरीजों को एक्स-रे लिख रहे हैं। लेकिन, गर्दन, कमर, सीना, कूल्हा, कंधा, पेट आदि की जांच नहीं हो पा रही थी।
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पोर्टेबल डिजिटल मशीन से किसी तरह काम चलाया जा रहा है। एक्स-रे करने के बाद फिल्म नहीं मिल पा रही है। रिपोर्ट भी एंड्राॅयड मोबाइल फोन पर दी जा रही है। वह भी स्पष्ट नहीं हो पा रही है। जिनके पास छोटा मोबाइल है उन्हें लौटना पड़ रहा है। मजबूरी में लोगों को बाहर प्राइवेट में जांच करानी पड़ रही। जहां उन्हें 350 से 600 रुपये कीमत चुकानी पड़ी। इससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ा। जबकि धन खर्च करने में असमर्थ लोग मशीन ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। वे हर रोज अस्पताल का चक्कर लगा रहे हैं। अंत में लौट जा रहे हैं।
तीन सदस्यीय इंजीनियरों की टीम ने गड़बड़ी पकड़ी तो आंशिक खराबी दूर हो सकी। लार्ज फोकल लेंथ जल जाने से ज्यादा रेडिएशन नहीं हो रहा है। इससे कमर, गर्दन, कूल्हे की जांच नहीं हो पा रही है। हर रोज 50 से 60 मरीज लौट रहे हैं। स्माल फोकल लेंथ चल रहा है।

एसी न होने से मशीन का पार्ट जला
इंजीनियरों की टीम ने कक्ष में एसी न होने से मशीन के बार-बार गर्म होने के कारण पार्ट जलने की बात कही। डिजिटल एक्स-रे सेंटर में एसी आवश्यक होता है। लेकिन, दो साल से अधिक समय से एसी खराब है। इसे ठीक कराने की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। पिछले साल गर्मी के मौसम में भी मशीन कुछ देर बाद आवाज करने लगती थी और बंद हो जाती थी। लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।

गर्दन में दर्द है। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने एक्स-रे कराने के लिए भेजा। आधे घंटे लाइन में खड़ा होने के बाद पता चला कि मशीन खराब होने से जांच नहीं हो पाएगी। अब निजी केंद्र में कराना पड़ेगा।
- गोलू, रामलक्षन

दिव्यांग हूं। कूल्हा में दर्द से परेशानी हो रही है। एक्स-रे के लिए चक्कर लगा रहा हूं। तीन बार आ चुका हूं। अब पंद्रह दिन बाद बुलाया जा रहा है। आने-जाने में परेशानी हो रही है। अब तक इतने अधिक समय तक जांच बंद नहीं रही।
-कृष्ण मोहन वर्मा, न्यू काॅलोनी

कमर में दर्द से काफी परेशानी हो रही है। इलाज के लिए अस्पताल पहुंची तो एक्स-रे के लिए डॉक्टर ने भेजा। यहां कमर का एक्स-रे नहीं होने की बात कही जा रही है। अब कीमत चुका कर बाहर से एक्स-रे कराना पड़ेगा।
- रमावती देवी, बरहज रोड

दादी पाना देवी को इलाज के लिए लेकर आया हूं। बुजुर्ग होने के कारण उन्हें कूल्हे में दिक्कत है। डॉक्टर के सुझाव पर व्हील चेयर से एक्स-रे कराने पहुंचा तो मशीन खराब होने की बात कह लौटा दिया जा रहा है। बाहर कराना मजबूरी है।
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- पंकज प्रसाद, जोड़उरा बाजार
कोट
डिजिटल एक्स-रे मशीन की खराबी दूर करने के लिए इंजीनियर आए थे। कोई पार्ट जल गया है। उसे मंगाने की प्रक्रिया की जा रही है। आने में दस से बारह दिन का समय लग सकता है। इसके बाद गड़बड़ी दूरकर जांच शुरू कर दी जाएगी। एसी भी लगेगा।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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