बारिश से शहर के कई मोहल्लों की सड़कें कीचड़ से सनीं, कई की नालियां चोक
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कहने को देवरिया शहर है, लेकिन हालत गांव से भी बदतर हैं। लोगों को महंगी जमीन खरीदकर शहरी सुविधाओं का सपना घर बनाने के बाद अधूरा सा लगने लगा है। न भरपूर बिजली मिल रही और न ही पीने के लिए साफ पानी।
सड़क और नाली का नामोंनिशान तक नहीं है। कच्ची सड़क व पगडंडियों पर चलना नए बाशिंदों की मजबूरी है। आज भी कई मोहल्लों में शहर जैसी सुविधाओं का अभाव अब तक बना हुआ है। इन मोहल्लों में कच्ची सड़कों, टूटीं नालियों, संपर्क मार्गों व आंतरिक गलियों में फैली गंदगी लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
इधर, शनिवार और बुधवार की सुबह हुई बिन मौसम झमाझम बरसात ने मोहल्लेवासियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अभी यह हाल है तो बरसात के मौसम में स्थिति और भयावह हो सकती है।
नगर पालिका की स्थापना अंग्रेजी हुकूमत में सन् 1901 में की गई। 1974 में इसका क्षेत्र विस्तार कर आठ वार्ड बनाए गए। वर्ष 1995 के करीब आबादी के हिसाब से पालिका क्षेत्र को 25 वार्डों में विभाजित किया गया। इसी बीच वर्ष 2018-2019, वर्ष 2022-23 में शहर से सटे दर्जनभर गांवों को नगर पालिका में शामिल कर लिया गया।
इधर शहरी सुविधाओं के लालच में ग्रामीण इलाकों से नगर सीमा से सटे इलाकों में महंगे दाम पर जमीन खरीदकर बसे लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि आने वाले दिनों में वे नगर पालिका की सुविधाओं से लैस होंगे। लेकिन सीमा विस्तार के बाद भी लोगों को समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है।
यहां सड़क नहीं होने से स्कूल वैन घर तक नहीं पहुंच पाती। लंबी दूरी तय कर अभिभावक मुख्य मार्गों पर खड़े होकर स्कूल वैन का इंतजार करते हैं। रही-सही कसर बिन मौसम बुधवार को हुई बरसात ने पूरी कर दी। बच्चों को ले जाने में काफी पेरशानी हुई।
नगरवासियों को भी नहीं मिल रहीं सुविधाएं
देवरिया। नगर पालिका क्षेत्र में अभी कई ऐसे मोहल्ले हैं, जहां आज भी लोग सड़क, बिजली पानी आदि सुविधाओं से वंचित हैं। शहर के उमानगर सहित तमाम मोहल्लों में लोग बांस-बल्लियों के सहारे घरों में बिजली कनेक्शन पहुंचा रहे हैं। तमाम जगहों पर सड़क के अभाव में लोग कच्ची सड़क व पगडंडियों पर चलने के लिए मजबूर हैं। बुधवार को हुई झमाझम बारिश से शहर की भुजौली काॅलोनी मेन रोड पर बुधवार को बरसात के मौसम जैसा नजारा था। बृहस्पतिवार की दोपहर तक सड़क जलमग्न थी। लोग पानी व कीचड़ से सनी सड़क से होकर गुजरते दिखे। इसी तरह रामनाथ देवरिया पश्चिमी में कई सड़कें ऐसी दिखीं, जो कच्ची थीं। जहां या तो पानी जमा था या फिर कीचड़ से सनी थीं। इसी तरह शिवपुरम कॉलोनी, उमानगर, रामगुलाम टोला, पिडरा चौरहा की तरफ मोहल्लों का कमोबेश यही हाल रहा। मोहल्लेवासियों का कहना था कि बरसात में स्थिति और भयावह होगी। घरों तक जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है। वाहन को सड़क पर खड़ा कर कीचड़ व पानी से होकर घरों में जाना पड़ेगा।
शिवपुरम काॅलोनी में जाने वाले मुख्य मार्ग पर बारहों मास रहता है जलभराव
देवरिया। शहर के रामनाथ देवरिया मुख्य मार्ग से शिवपुरम कॉलोनी में जाने वाली सड़क पर घुसते ही जलभराव का नजारा देखने को मिलता है। इसके पीछे की मुख्य वजह है जल निकासी का इंतजाम नहीं होना है। जल निकासी का इंतजाम नहीं होने के चलते नाली का गंदा का पानी सड़क पर बहता है। रोजाना पानी जमा होने के चलते उतनी सड़क पूरी तरह से टूट कर गड्ढे में तब्दील हो गई है। गर्मी हो या बरसात दो पहिया वाहन चालक तो किसी तरह से निकल जाते हैं, लेकिन चार पहिया वाहन चालक इस गंदे पानी से होकर गुजरते हैं। इसके लिए मोहल्लेवासियों ने कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ऐसी ही स्थिति शहर के कई मोहल्लों की है।
कोट
नगर पालिका क्षेत्र के विकास के लिए बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया है। नालियां व सड़क आदि के निर्माण के प्रस्ताव हैं। बरसात से पहले कई मोहल्लों की समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
-अलका सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष
शहर में शामिल मोहल्लों में समस्याएं
अधिकांश गलियों में कच्ची सड़कें
सीवर लाइन का अभाव
विद्युतीकरण का अभाव
कूड़ा-कचरा निपटान की उचित व्यवस्था नहीं
टूटीं नलियों में से अधिकांश चोक, खाली प्लाॅटों में फेंका जा रहा कूड़ा