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Deoria News: दो विभागीय एक साई का प्रशिक्षण शिविर शुरू, बाकी खेलों के लिए जून तक इंतजार

Thu, 04 Apr 2024 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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चुनाव आचार संहिता लागू होने से अन्य खेलों के प्रशिक्षकों की तैनाती होने में आ रहीं अड़चनें
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेल निदेशालय की ओर से कुश्ती व क्रिकेट और साई की ओर से संचालित कुश्ती के प्रशिक्षण शिविर इसी माह से प्रारंभ हो गए हैं। भाटपाररानी में क्रिकेट के विभागीय प्रशिक्षक होने से वहां इस खेल का प्रशिक्षण आरंभ है। बाकी खेलों के शिविर कब तक शुरू होंगे, यह नहीं मालूम हो रहा है। जिम्मेदारों का कहना है कि अब लोकसभा चुनाव के बाद ही प्रशिक्षकों की चयन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में पिछले सत्र में कुश्ती, ताइक्वांडो, खो-खो, एथलेटिक्स, फुटबाल, हैंडबाल खेल का शिविर आवंटित हुआ था। साथ ही भारतीय खेल प्राधिकरण की ओर से कुश्ती का एक प्रशिक्षण शिविर भी चला। इसमें 10 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 15 बालक और 15 बालिका वर्ग के खिलाड़ी कुश्ती सीखते हैं। इसके अलावा स्टेडियम में क्रिकेट और वाॅलीबाल का प्रदेश स्तरीय छात्रावास भी खेल निदेशालय की देखरेख में संचालित होता है।
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वर्तमान में यहां तीन स्तरीय ट्रायल के बाद क्रिकेट में 25 और वाॅलीबाल में 15 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। विभागीय नियमों के अनुसार अप्रैल माह से ही सभी आवंटित खेलों का प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ कर दिया जाता है। हालांकि, जिले स्तर पर केवल दो खेलों, जिसमें कुश्ती का यहां पर एवं क्रिकेट का भाटपाररानी के मल्हना में स्थित स्टेडियम में विभागीय प्रशिक्षक होने से इस माह से प्रशिक्षण शुरू हो सके हैं। हैंडबाल, फुटबाल, खो-खो, एथलेटिक्स, तैराकी के शिविर कब से शुरू होंगे, इसका खिलाड़ियों को पता नहीं चल पा रहा है। इससे उनका हर दिन का अभ्यास प्रभावित हो रहा है। साथ ही राज्य व राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने व बेहतर प्रदर्शन कर पदक जीतने की उनकी संभावना भी क्षीण पड़ रही है।

हर दिन खेल कार्यालय पर पूछताछ करने आते हैं लोग
जिला खेल कार्यालय में हर दिन औसतन 20 से 25 खिलाड़ी व उनके अभिभावक विभिन्न खेलों में पंजीकरण कराने के लिए आते हैं। हालांकि, विभिन्न खेलों में प्रशिक्षक नहीं होने से खेल शिविर बंद होने की बात कह इन्हें लौटा दिया जा रहा है। सबसे ज्यादा क्रिकेट में नामांकन कराने वालों की संख्या होती है। लेकिन इसका प्रशिक्षक यहां नहीं होने की बात कह दी जाती है। ऐसे में खिलाड़ी मायूस होकर लौट रहे हैं।
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स्टेडियम में कुश्ती व भाटपाररानी में क्रिकेट का प्रशिक्षण शिविर नए सत्र से प्रारंभ है। अन्य खेलों के शिविर फरवरी माह से ही बंद चल रहे हैं। आचार संहिता लागू होने से अभी प्रशिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई है। खेल निदेशालय की ओर से इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा, उसका पालन किया जाएगा।
-राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी
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