पापा ने रुपये मिलने के बाद भी नहीं खरीदे स्वेटर
प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थी बिना स्वेटर, टोपी, जूता के जा रहे स्कूल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बुधवार को अचानक कोहरे के कारण गलन बढ़ गई। प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थी बिना स्वेटर, टोपी, जूता के स्कूल जा रहे हैं। कई स्कूलों में रुपये मिलने के बाद भी पाल्यों के लिए अभिभावकों ने स्वेटर नहीं खरीदे हैं। ऐसे में वे ठंड से ठिठुर रहे हैं।
विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जनपद में 2120 परिषदीय स्कूल हैं। इसमें 2,68,458 विद्यार्थी हैं। इन सभी को 1200 रुपये के हिसाब से स्वेटर, मोजा, टोपी, जूता के लिए दिए जाने हैं। इसमें अब तक करीब 61 विद्यार्थियों के अभिभावकों को छोड़ कर सभी के खाते में धन चला गया है। हकीकत तो यह है कि ऐसे बहुत से अभिभावक हैं, जिनके खाते में धन जाने के बाद पाल्यों का स्वेटर नहीं खरीदा गया है। बुधवार को गलन बढ़ने पर कुछ विद्यालयों की पड़ताल की गई तो यह सच सामने आई।
जिला मुख्यालय के जिला पंचायत परिसर में स्थित स्कूल में करीब 50 प्रतिशत छात्र और छात्राएं केवल यूनीफॉर्म पहन कर पढ़ने आए थे। इसमें से कुछ बच्चों ने बताया कि रुपये मिल चुके हैं। पापा स्वेटर खरीदने के लिए कह रहे थे। पर अभी खरीदे नहीं हैं।
सदर विकास खंड के भटवलिया, दानोपुर, इजरही, परसिया आदि स्कूलों में देखने को मिला कि अधिकतर विद्यार्थी बिना स्वेटर के आए थे। कुछ अध्यापकों ने बताया कि अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है। उनके रुपये के बारे में जानकारी ली गई है। स्वेटर खरीदने के लिए कहा गया है।
वर्जन
करीब दो लाख पांच हजार अभिभावकों के खातों में 1200 रुपये भेजे जा चुके हैं। जिन अभिभावकों ने बच्चों के लिए स्वेटर, जूते आदि नहीं लिए हैं, उनसे संपर्क किया जा रहा है। बच्चों को गर्म कपड़ों में स्कूल आने की हिदायत दी जा रही है।
-हरीशचंद्र नाथ, बीएसए