जैसे-तैसे भरे जा रहे गड्ढे, बचाया जा रहा तारकोल
पैच वर्क के नाम पर मिट्टी-गिट्टी, माल गोदाम के मलबे से भर रहे गड्ढे
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में 40 किलो तारकोल बचाने के खेल में गड्ढा मुक्ति अभियान फेल हो रहा है। शहर में ही जैसे-तैसे गड्ढों का भरा जा रहा है। कई सड़कों पर गिट्टी और थोड़ा सा तारकोल डालकर काम किया जा रहा है। इसके चलते सड़कें उखड़ जा रहीं हैं। इतना ही नहीं रेलवे स्टेशन के पुराने माल गोदाम के मलबे से भी गड्ढा भरकर काम चलाया जा रहा है। गड्ढों में उखड़ीं गिट्टियां राहगीरों का दर्द बढ़ा रहीं हैं।
जिले की सड़कों को तीस नवंबर तक गड्ढा मुक्त करने का आदेश शासन ने दिया है। इसके कारण लोक निर्माण विभाग दावा कर रहा है कि शहर से लगायत देहात तक के इलाकों की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का काम किया जा रहा है।
हकीकत तो यह कि पैचवर्क के दौरान मानकों की अनदेखी की जा रही है। मिट्टी और गिट्टी पाट कर शहर में सड़कों को लोक निर्माण गड्ढा मुक्त कर रहा है। कचहरी रोड से महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज तक कई जगहों पर गड्ढा है, जिसमें गिट्टी डाल दी गई है। साकेत नगर और खरजरवा मार्ग पर कई जगहों पर मिट्टी और गिट्टी से भरा गया है। इन जगहों पर हाल यह है कि गड्ढा फिर से हो गया है।
दूसरी सबसे गंभीर बात तो यह है कि पैचवर्क के लिए तारकोल का उपयोग करने में कंजूसी की जा रही है। एक ड्रम में करीब 225 किलो तारकोल होता लेकिन तकरीबन 40 किलो तारकोल ड्रम में कम मिल रहा है। इसके कारण सड़क निर्माण में तारकोल का उपयोग उसी हिसाब से किया जा रहा है। इसका असर यह हो रहा है कि पैचवर्क के कुछ दिनों बाद ही सड़कें उखड़ने लग रहीं हैं।
कोट
पैचवर्क का काम तेजी से किया जा रहा है। तय समय पर काम पूरा हो इसके लिए पूरे इंतजामात किए गए हैं। मानक के अनुसार पैचवर्क हो रहा है। जिन जगहों पर गड्ढे हैं, वे भर दिए जाएंगे। अधिकतर जगहों पर सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया गया है।
-जीसी वर्मा, अधीक्षण अभियंता
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तारकोल कम दिया जा रहा है और रुपये पूरे लिए जा रहे हैं। जब ठेकेदार हड़ताल पर हैं तो गड्ढा मुक्ति अभियान कैसे सफल होगा। कागज में खानापूर्ति की जा रही है। मानक के अनुसार काम नहीं हो रहा है।
-मनोज सिंह, अध्यक्ष ठेकेदार कल्याण समिति
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सड़क ठीक कराने के लिए किया प्रदर्शन
लार। चार वर्ष पूर्व बीस करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बना नवलपुर से लार बाईपास मार्ग गड्ढे में तब्दील हो गया है। रास्ते से होकर गुजरने वाले राहगीर रोज गिर कर घायल हो रहे हैं। शिकायत के बाद भी इसे ठीक नहीं कराया जा रहा है। इससे नाराज नगर के युवाओं ने रविवार को घारी वार्ड के सामने सड़क पर लोक निर्माण विभाग के खिलाफ घंटों प्रदर्शन किया। साथ ही एक सप्ताह के भीतर सड़क को ठीक कराने की मांग की।
लोक निर्माण विभाग द्वारा नवलपुर से लार हाइडिल तिराहा तक सड़क का निर्माण चार वर्ष पूर्व कराया गया था। सड़क बनने के कुछ माह बाद ही टूटने लगी। शिकायत पर विभाग ने आनन-फानन मरम्मत करा खानापूर्ति कर दी, लेकिन कुछ ही दिनों बाद सड़क की गिट्टियां पुन: जगह-जगह उखड़ गईं।
वहीं, घारी वार्ड और गयागिर वार्ड के सामने बाईपास मार्ग पर बारिश का पानी लगने से सड़क पूरी तरह टूट गई थी। विभाग द्वारा घारी वार्ड के सामने से गयागिर वार्ड के सामने तक सड़क पर आरसीसी कराकर छोड़ दिया गया है। इसमें दरारें हो गई हैं। रास्ते से होकर गुजरने वाले बाइक सवार आरसीसी के कोर पर फिसल कर गिर रहे हैं।
वहीं, सहजौर के समीप पैचिंग की जा रही सड़क की गिट्टियां उखड़ रही है। इसको लेकर नगर के युवाओं ने साहू विशाल कुमार गुप्ता के नेतृत्व में लार बाईपास मार्ग के सामने पहुंच लोक निर्माण विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर सड़क को ठीक कराने की मांग की।
साथ ही चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह के अंदर मार्ग को ठीक नहीं कराया गया तो धरना प्रदर्शन को बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में वसीम अहमद, जीनू लारी, शाहिद लारी, भीष्म प्रताप सिंह, इमरान लारी, रिजवान लारी, विवेक कुशवाहा, अखिलेश यादव, विनय रजक आदि मौजूद रहे। संवाद
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डेढ़ वर्ष बाद भी नहीं बन सका मईल-भागलपुर मार्ग
विभाग की लापरवाही से तीन माह में मात्र 800 मीटर ही बनी है सीसी सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
मईल। भागलपुर-मईल मार्ग का कार्य डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी नहीं बन सका है। इससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना पड़ रहा है। गिट्टी बिखरने व धूल उड़ने से आएदिन दुर्घटनाएं हो रहीं हैं। तीन माह पहले विभाग द्वारा कार्य शुरू किया गया था। इसमें मात्र 800 मीटर सीसी सड़क का निर्माण हुआ है। वह भी इस समय बंद पड़ा हुआ है।
मईल-भागलपुर सड़क निर्माण व सुंदरीकरण के लिए शासन द्वारा दो साल पहले 10.5 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इसकी लंबाई पांच किमी और चौड़ाई 5.5 मीटर बननी है। इससे मईल चौराहा, नरियांव व देवसिया में 1200 मीटर सीसी सड़क व पानी निकासी के लिए नाली निर्माण होना है। सड़क निर्माण के लिए डेढ़ साल पहले मिट्टी व गिटी डालने का कार्य शुरू हुआ। उसके बाद कार्य बंद कर दिया गया।
किसी तरह जिलाधिकारी के पहल पर विभाग द्वारा तीन माह पहले सीसी सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया गया। इसमें मईल चौराहा व नरियांव में मात्र 800 मीटर सीसी सड़क बन सकी है। इस समय कार्य बंद है। यह सड़क बलिया जनपद को जोड़ती है।
जबकि श्मशान घाट, पीएचसी, ब्लॉक मुख्यालय जाने के लिए यह मुख्य मार्ग है। सड़क नहीं बनने से पांच किलोमीटर की दूरी के लिए 12 किलोमीटर घूम कर जाना पड़ रहा है। विभागीय उदासीनता के कारण सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इससे आने वाले राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे क्षेत्र की जनता में काफी आक्रोश है।
पूर्व विधायक स्वामीनाथ भाई, अखिल भारत हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह, सपा के वीरेंद्र चौधरी, पूर्व मंडल अध्यक्ष कन्हैया तिवारी, बलराम सिंह दादा, शिवशंकर जायसवाल, शंभू जायसवाल, संतोष चौधरी आदि ने जल्द से जल्द सड़क का कार्य पूरा कराने की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम गजेंद्र सिंह ने बताया कि शासन की ओर से समयसीमा के भीतर सड़कों को गड्ढा मुक्त करा लेने के निर्देश मिले हैं। इस पर कार्य कराया जा रहा है।