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Deoria News: पीपा पुल लगा नहीं, छोटी नाव से सरयू पार करना मजबूरी

Tue, 30 Jan 2024 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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बरहज के सरयू तट पर नाव पर सवार होते  यात्री    संवाद
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फोटो समाचार-28डीईओ 131, 132
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एक सप्ताह से बंद है पाॅवर वार्ज बोट का संचलन, यात्री हलकान
जलस्तर बढ़ने से नदी का पाट चौड़ा होने और ईंधन कम मिलने का रोना रो रहे नाविक
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी पार करने के लिए पीडब्ल्यूडी की ओर से पॉवर वार्ज बोट लगाई गई है। इससे पिछले करीब एक सप्ताह से आवागमन बंद हो गया है। नाविक जलस्तर बढ़ने और नदी का पाट चौड़ा होने और ईंधन कम मिलने का रोना रो रहे हैं। हालांकि, नदी पार करने के लिए विभाग की ओर से कोई इंतजाम नहीं होने से लोग जान जोखिम में डालकर छोटी नाव से सफर करने के लिए मजबूर हैं।
मोहन सेतु के अधर में होने के कारण पीडब्ल्यूडी की ओर से सरयू नदी पर 15 नवंबर से 15 जून तक पीपा पुल से आवागमन सुलभ कराया जाता है। इस बार करीब ढाई महीने बाद भी पीपा पुल नहीं लगाया जा सका है। इससे विभाग दो पॉवर वार्ज बोट लगाकर आवागमन सुलभ करा रहा है। लोगों के अनुसार, पिछले चार दिनों से संचालित नाव से आवागमन बंद कर दिया गया है। परसियां विशुनपुर देवार के छोटेलाल, रमाशंकर, रामपरीक्षा, नंदलाल, विशुनपुर देवार के ओमप्रकाश यादव आदि का कहना है कि चार दिन पूर्व जलस्तर में बढ़ोतरी हो गई है। इससे नाव संचालन बंद कर दिया गया है। इनका कहना है कि पूछने पर जिम्मेदार मिलने वाले ईंधन का रोना रो रहे हैं। नाव के बंद होने से किसी तरह खतरा मोल लेकर आवागमन किया जा रहा है। नाव न मिलने पर सूरजपुर-दोहरीघाट या बेल्थरा-भागलपुर के लिए करीब 50 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करना मजबूरी हो जाती है।
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कोट-
मामला संज्ञान में नहीं है। पता कराता हूं।
-अवधेश कुमार निगम, एसडीएम, बरहज इंसेट में-
पिछले दो वर्ष से पीपा पुल लगाने में हो रही देरी
बरहज। सरयू नदी पार करने के लिए प्रत्येक वर्ष पीडब्ल्यूडी विभाग जलस्तर कम होने पर पीपा पुल लगाता है। लेकिन 400 मीटर चौड़े पाट के लिए संसाधन न होने और नदी का पाट इससे अधिक चौड़ा होने के कारण पिछले दो वर्षों से सही ढंग से संचालन नहीं हो पा रहा है। लोगों का कहना है कि वर्ष 2022-2023 में मात्र डेढ़ माह ही पीपा पुल से आवागमन सुलभ हो सका था। इस बार जलस्तर के बढ़ने से उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है। अधिकारियों के अनुसार, 400 मीटर चौड़े पाट के लिए 80 पांटून, 2500 चक्र प्लेट, 5000 स्लीपर आदि की मदद से पीपा पुल तैयार किया जाता है। नदी के रास्ते परसिंया-विशुनपुर देवार के 52 टोलों के अलावा मऊ, बलिया, आजमगढ़ सहित अन्य जनपदों के लोगों की आवाजाही होती है।
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