कलिंद इंटर कॉलेज एवं स्प्रिंग शाइन एकेडमी के शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रधानाचार्य वकील सिंह सिंह ने कहा कि घटना के परिप्रेक्ष्य में उस बच्ची के परिवार के प्रति पूरे प्रदेश के विद्यालय आहत हैं। लेकिन उस घटना के कारण उस विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं कक्षा अध्यापक को जिला प्रशासन की ओर से प्रताड़ित करना तथा जेल में बंद कर देना यह कहां का न्याय है। उन्हें तुरंत रिहा नहीं किया गया तो हम सभी लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
सनबीम स्कूल के निदेशक अवनीश मिश्र ने कहा कि आजमगढ़ की घटना के विरोध में यह विरोध दर्ज कराया गया। साथ ही छात्रा के निधन पर शोकसभा का भी आयोजन किया गया। इसके बाद शिक्षकों के साथ बैठक कर ऐसी परिस्थिति यहां न आए, इसके लिए क्या उपाय किए जाए, इस पर चर्चा की गई।
सीबीएसई के जिला समन्वयक बीके शुक्ल ने कहा कि आजमगढ़ की घटना के विरोध में जिले में डीएसएस व सरस्वती विद्या मंदिर को छोड़कर सीबीएसई से जुड़े सारे विद्यालय बंद रहे। जनपद में सीबीएसई के कुल 44 व आईसीएसई के तीन विद्यालय हैं। हमारी मांग है कि प्रधानाचार्य व शिक्षक को रिहा व उन पर दर्ज केस को वापस लिया जाए।
वित्त विहीन विद्यालय प्रबंधक संघ कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को तहसील पहुंचकर नायब तहसीलदार रवींद्र मौर्य को मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक दिया। जिसमें आजमगढ़ के एक विद्यालय के प्रिसिंपल और शिक्षक की रिहाई और उन पर दर्ज किया गया केस वापस लेने की मांग किया गया है। जिला उपाध्यक्ष पारसनाथ यादव के नेतृत्व में वित्त विहीन विद्यालय प्रबंधक संघ के दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ता तहसील पहुंचे। सभी आजमगढ़ के प्राइवेट विद्यालय पर किए गए पुलिसिया कार्रवाई की भर्त्सना कर रहे थे। मौके पर प्रभुनाथ शर्मा, सुरेश यादव, कमलेश्वर विश्वकर्मा, प्रदुम्न नाथ तिवारी, कृष्णचंद्र मिश्र, रामित यादव, फायानाथ यादव आदि मौजूद रहे।