बेहोश कर प्राचार्य ने कराया आपरेशन
एक पैर के घुटने के पास और दूसरा ऑपरेशन कूल्हे का था
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बेहोशी के डॉक्टर अवकाश पर थे। दो ऑपरेशन जरूरी था, यह देख मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने शुक्रवार को एनेस्थीसिया देकर दोनों मरीजों का ऑपरेशन कराया। इसमें एक पैर के घुटने के पास तथा दूसरा ऑपरेशन कूल्हे का था। दोनों ऑपरेशन करीब साढ़े तीन से चार घंटे तक चला। इससे पहले भी जरूरत पड़ने पर उन्होंने ऑपरेशन में सहयोग किया है। उनके इस कार्य की डॉक्टरों व कर्मचारियों में चर्चा है।
मेडिकल कॉलेज के आर्थो विभाग में पिपरा भुल्ली गांव निवासी प्रीति 13 वर्ष इलाज के लिए आई थीं। डॉक्टर ने उसे घुटने के पास (थीमर इंटरलाकिंग) के ऑपरेशन के लिए शुक्रवार को बुलाया था। वहीं रामपुर कारखाना क्षेत्र के बड़हरा गांव के शिवनाथ वर्मा (70) के कूल्हे (बाई पोलर प्रोथेसिस) का ऑपरेशन होना था। दोनों ऑपरेशन जरूरी था, लेकिन शुक्रवार को अवकाश होने और बेहोशी के डॉक्टर के छुट्टी पर होने की वजह से मरीज व तीमारदार परेशान थे। आर्थो सर्जन की समझ में नहीं आ रहा था। इसकी जानकारी होने प्राचार्य डॉ. राजेश बरनवाल को हुई। फोरेंसिक व एनेस्थीसिया का डॉक्टर होने के कारण उन्होंने ऑपरेशन की तैयारी करने को कहा। इसके बाद असिस्टेंट प्रो. डॉ. अजय कुमार यादव, एसआर डॉ. विकास मित्तल टीम के साथ ऑपरेशन की तैयारी में जुट गए। वहीं मरीज व तीमारदार प्रसन्न हो गए। इसके बाद प्राचार्य ओटी में पहुंचे और दोनों मरीजों को स्पाइनल एनेस्थीसिया देकर ऑपरेशन कराया। इससे पहले भी बेहोशी के डॉक्टर के न रहने और अधिक ऑपरेशन होने पर प्राचार्य ने समय निकाल कर करीब आधा दर्जन से अधिक ऑपरेशन कराया है।
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फोरेंसिक व बेहोशी का डॉक्टर हूं। मेरे लिए मरीज का हित सर्वोपरि है। डॉक्टर अवकाश पर थे और ऑपरेशन जरूरी था, ऐसे में मैंने फर्ज निभाया। यह बड़ी बात नहीं है, मैं इसी का डॉक्टर हूं। सभी से कह दिया है कि जब भी मेरी जरूरत हो बेहिचक सूचना दें, मरीज की सेवा में खड़ा रहूंगा। जब भी जरूरत हुई कर्तव्य निभाया।
डॉ. राजेश बरनवाल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज