संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। मानसून के दस्तक देने और हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जबकि बाजाराें में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। आलम यह है कि लोगों की थालियों से हरी सब्जियां गायब हो गई हैं। देखा जाए तो सस्ता आम लोगों के लिए पसंद और सहारा बना हुआ है।
शादी-विवाह और त्योहारों के समाप्त होने के बाद भी महंगाई खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पिछले करीब एक पखवारे से सब्जियों से खाली हो गई है। सब्जियां लगातार लोगों की पहुंच से बाहर हो रही हैं। लोगों के अनुसार नगर-क्षेत्र के बाजारों में बिकने वाली सब्जियों में नेनुआं, भिंडी, परवर 40-50 रुपये किलो के हिसाब से बिक रही है। जबकि 160 रुपये किलो बिक रहे टमाटर और मिर्चा किचेन से गायब हो गए हैं। विजय लक्ष्मी, लल्ली पांडेय, पूजा, अलका, गुडिया, शालिनी, क्षमा द्विवेदी आदि का कहना है कि सब्जियों के आसमान छू रहे दामों के चलते घर चलाना मुश्किल हो गया है। सब्जियों के दामों में आए उछाल ने रसोई घर का बजट बिगाड़ दिया है।
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सब्जियों के दामों पर अंकुश लगाने के लिए व्यापारियों से संपर्क किया जाएगा। जिससे लोगों को राहत मिल सके।
योगेश कुमार एसडीएम, बरहज