ट्रॉमा विंग के निर्माण की कवायद शुरू
शौचालय सहित जद में आने वाले अन्य भवन को खाली करने को दिया गया था नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में करीब तीस करोड़ की लागत से बनने वाले ट्रॉमा विंग के निर्माण की कवायद शुरू कर दी गई है। कई भवनों के ध्वस्तीकरण का खाका तैयार कर लिया गया है। शौचालय सहित अन्य भवन को खाली करने के लिए नोटिस दिया जा चुका है। जल्द ही ध्वस्तीकरण के कार्य में तेजी आ जाएगी।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा विंग स्थापित होने से दुर्घटना में घायल, टॉक्सीकोलॉजी, बर्न के मरीजों के इलाज की आने वाले दिनों में सुविधा हो जाएगी। इस तरह के मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। ट्रॉमा विंग स्थापित करने की दिशा में कार्य शुरू हो गया है। इसके लिए इमरजेंसी के सामने स्थान चिह्नित कर लिया गया है। इसमें सड़क से पूरब तरफ सुलभ शौचालय तथा रेडक्रॉस सोसायटी कार्यालय सहित खाली पड़ी भूमि शामिल है। तकरीबन चौदह हजार वर्ग फीट में बनने वाले ट्रॉमा विंग के भवन निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए बजट भी शासन से उपलब्ध हो गया है। भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से शौचालय तथा अन्य भवन को खाली करने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। उसकी समयसीमा भी समाप्त हो गई है। अब ध्वस्तीकरण का कार्य होगा। हालांकि, चहारदीवारी को तोड़ने का कार्य शुरू भी कर दिया गया है। दो दिन में भवनों को ध्वस्त कर भूमि को समतल किया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उधर, मैप तैयार करने का कार्य भी अंतिम चरण में है।
मेडिकल कॉलेज में अब तक दुर्घटना में घायल, टॉक्सीकोलॉजी, बर्न के मरीजों के इलाज की सुविधा नहीं है। हर रोज दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल मरीज पहुंचते हैं। संसाधन के अभाव में इन मरीजों का उपचार नहीं हो पाता है। साथ ही झुलसे व प्वाइजनिंग के गंभीर मरीजों के पहुंचने पर उन्हें रेफर कर दिया जाता है, लेकिन आने वाले दिनों में इस तरह के मरीजों के इलाज की सुविधा हो जाएगी, मरीजों व तीमारदारों को सहूलियत होगी।
70 बेड का होगा ट्रॉमा विंग
देवरिया। ट्रॉमा विंग में तीन यूनिट होगी। इसमें कुल 70 बेड होंगे, जिसमें तीस बेड का ट्रॉमा (दुर्घटना में गंभीर से घायल) तथा गंभीर रूप झुलसे मरीजों के लिए बीस बेड का आइसोलेटेड बर्न यूनिट तथा प्वाइजनिंग से संबंधित मरीजों के इलाज के लिए बीस बेड की टॉक्सीकोलॉजी यूनिट होगी। यहां वेंटीलेंटर, सेंट्रलाइज ऑक्सीजन, मानीटर, इंफ्यूजन पंप सहित अन्य अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध रहेंगे। साथ ही जांच की भी सुविधा रहेगी। विशेषज्ञ चिकित्सक सहित ट्रेंड स्वास्थ्य कर्मी तैनात किए जाएंगे।
कोट
मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा विंग के लिए कार्य योजना तैयार की गई। जगह चिह्नित कर ली गई है। वहां भवनों को ध्वस्त करने का कार्य दो दिन के अंदर शुरू हो जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य कराया जाएगा। भवनों को खाली करने के लिए नोटिस दिया जा चुका है। ट्रॉमा विंग स्थापित होने से मरीजों व तीमारदारों को काफी सहूलियत होगी।
-डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, प्राचार्य, महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज