देवरिया। खुखुंदू क्षेत्र के अहिल्यावार गांव में पांच माह की गर्भवती एक विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मायके वालों ने ससुरालियों पर गला दबाकर मारने का आरोप लगाया है। वहीं ससुरालियों ने विवाहिता द्वारा कमरा बंद कर सजावट के लिए लगे झालर से लटक कर जान देने का आरोप लगाया है। इसी बात को लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पर मायके व ससुराल वालों में कहासुनी हो गई। बाद में मामला मारपीट तक पहुंच गया। इस बीच मायके पक्ष की होमगार्ड जवान ने महिला के सास की पिटाई कर दी। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने डांट-फटकार कर मामले को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। रुद्रपुर के मदनपुर थाना क्षेत्र के बरांव गांव निवासी राम बड़ाई गोंड ने अपनी पुत्री गीता की शादी बीते फरवरी माह में अहिल्यावार के गोपाल गोंड के पुत्र अमित से की थी। शादी के कुछ दिन बाद तक सबकुछ ठीक रहा। इधर करीब दस दिन पहले अमित मुंबई कमाने चला गया। गीता के मायके वालों के मुताबिक ससुराली बेटी को प्रताड़ित करते थे। आरोप है कि अमित के मुंबई जाने के बाद उनकी प्रताड़ना बढ़ गई। गीता पांच माह की गर्भवती थी। इसके बाद भी सास व ननद द्वारा उससे जबरदस्ती घर का काम करवाया जाता था। गीता ने इसकी जानकारी शहर के पुलिस लाइन में रहने वाली अपनी भाभी को भी दी थी। मायके वालों ने आरोप लगाया कि शनिवार को सास व ननद से उसकी लड़ाई हुई थी। सुबह में गीता का गला घोंटकर जान से मारने का भी आराेप लगाया। दूसरी ओर सास राधिका देवी ने कहा कि दो-तीन दिन से गीता घर का कोई कार्य नहीं कर रही थी। वह अपने कमरे में रहती थी। रविवार की सुबह भी वह स्नान के बाद अपने कमरे में चली गई। काफी देर तक कमरा नहीं खुला तो मैंने दरवाजा खटखटाया। इसके बाद पास से दो लड़कों को बुलाकर दरवाजा तोड़वाया। अंदर देखा तो गीता घर में सजावट के लिए लगे झालर से फंदा लगाई थी। इसकी मायके वालों व पुलिस को सूचना दी गई। राधिका ने आरोप लगाया कि गीता अपने मायके जाने की जिद पर अड़ी थी। मायके वालों को फोन कर ले जाने की सूचना दी, परंतु कोई नहीं ले गया।