फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ठेकेदार की लापरवाही से गरीबों के राशन पर संकट

विज्ञापन
विज्ञापन
ठेकेदार की लापरवाही से गरीबों के राशन पर संकट
विज्ञापन

102 दुकानों के सापेक्ष सिर्फ 12 दुकानों पर बंटा जून माह का राशन
सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था में समय से नहीं पहुंच पा रहा राशन
स्कूलों में लड़खड़ाई मध्याह्न भोजन योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था में ठेकेदार की लापरवाही से गरीबों के राशन पर संकट गहरा गया है। जून महीने का राशन अब तक कोटेदारों के गोदाम तक नहीं पहुंच पाया है। क्षेत्र में 102 दुकानदारों में सिर्फ 12 दुकानों पर ही जून महीने के राशन का वितरण शुरू हो पाया है।
गोदाम से परिषदीय स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना का अनाज भी अप्रैल से जून तक का अब तक अधिकांश कोटेदार के यहां नहीं पहुंचा है। इससे स्कूलों में एमडीएम व्यवस्था लड़खड़ाने लगी है।
विज्ञापन

कोटेदारों के दरवाजे तक डिपो से सीधे राशन भेजने के लिए इस माह से सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए विभागीय टेंडर हुए हैं। ठेकेदार को कोटेदार के दरवाजे तक वाहन से राशन पहुंचाना है।
रुद्रपुर के ग्रामीण क्षेत्र में पात्र गृहस्थी के 27,813 और अन्तोदय के 6,978 कार्डधारक हैं, वहीं, नगरीय क्षेत्र में पात्र गृहस्थी के 5,082 और अन्त्योदय के 466 कार्डधारक हैं। प्रत्येक महीने के पहले सप्ताह में कार्डधारकों में राशन वितरण किया जाता है।
इस बार सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था लागू होने से कोटेदार के गोदाम तक गरीबों में बांटे जाने वाला राशन नहीं पहुंच पाया है। शनिवार तक 12 दुकानों की ई-पॉश मशीन वितरण के लिए चल रही थी। अधिकांश कोटेदार द्वारा स्कूलों पर मध्याह्न भोजन का राशन नहीं पहुंचने से एमडीएम प्रभावित होने लगा है।
फोटो समाचार।
कहीं ठंडा न पड़ जाए चूल्हा
छपौली गांव के अरुण सिंह ने कहा कि जून महीने का राशन अब तक नहीं मिला। दो बार कोटेदार के घर का चक्कर लगाने के बाद सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
सूरजपुर की मीरा देवी ने कहा कि पिछले महीने भी देर से गांव में राशन बंटा। महीने की शुरुआत में ही अनाज मिल जाता था। ऐसे में गृहस्थी का चूल्हा बंद पड़ सकता है।
अवधपुर के राधेश्याम निषाद ने कहा कि इस महीने का राशन समय से नहीं मिला। पड़ोस से उधार में अनाज लेना पड़ा है। यदि देर से अनाज मिला, तो दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी।
विज्ञापन

भृगुसरी की शारदा देवी ने कहा कि कोटेदार और ठेकेदार गरीबों को उनका हक देने में लेटलतीफी कर रहे हैं। हर सुबह कोटेदार के घर अनाज के बारे में पूछने जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें