प्रधानाचार्यों ने दिया धरना
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन वित्त एवं लेखाधिकारी को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद की ओर से बृहस्पतिवार को विभिन्न मांगों को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में चार घंटे तक धरना दिया गया। वक्ताओं ने समस्याओं के संबंध में अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया और इनके समाधान की मांग प्रमुखता से उठाई। अंत में वित्त व लेखाधिकारी अबरार आलम को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1993 के बाद तदर्थ रूप से अद्यतन कार्यरत प्रधानाचार्यों की सेवाएं विनियमित की जाएं। माध्यमिक विद्यालयों में विभिन्न मदों के शुल्कों का पुनर्निर्धारण वर्ष 2010 में किया गया था। 11 वर्ष बाद महंगाई के अनुरूप सभी शुल्कों का पुनर्निर्धारण सुनिश्चित किया जाए। स्ववित्तपोषित विद्यालयों को अनुदानित सूची में लाने के लिए नियम बनाए जाएं तथा यहां कार्यरत शिक्षक, प्रधानाचार्यों एवं कर्मचारियों को वित्तपोषित की भांति वेतन देने, जब तक यह प्रक्रिया लागू नहीं हो जाती, तब तक इन्हें मानदेय देने की व्यवस्था की जाए।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं के संचालन, मूल्यांकन, संकलन एवं अन्य कार्यों के पारिश्रमिक दरों को महंगाई के अनुपात में पुनरीक्षित करने, वित्तविहीन व वित्तपोषित विद्यालयों को बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों की भांति विकास निधि परीक्षा में भी ड्रेस, बैग, पुस्तकें, मध्याह्न भोजन की समुचित व्यवस्था, शैक्षिक गुुणवत्ता वृद्घि के लिए प्रतिवर्ष 25 प्रतिशत माध्यमिक विद्यालयों को वाचनालय, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, भवन, फर्नीचर, कम्प्यूटर, पेयजल, शौचालय के लिए अनवर्तक अनुदान दिया जाए।
प्रधानाचार्यों को पुनर्बोधक प्रशिक्षक प्रदान करने एवं वर्ष 2005 से नियुक्त शिक्षक, कर्मचारियों एवं प्रधानाचार्यों को भी पुरानी पेंशन योजना के तहत लाया जाए। धरने को रमेश चंद सिंह, संरक्षक डॉ.मिथिलेश कुमार सिंह, दिनेश मिश्र, मंडलीय मंत्री वकील सिंह, अनिल कुमार सिंह, गणेश शर्मा, संतोष चौरसिया ने संबोधित किया।
अध्यक्षता जिलाध्यक्ष माधव प्रसाद सिंह व संचालन जिला मंत्री डॉ. अभय द्विवेदी ने किया। इस दौरान रमेश सिंह, भानुप्रताप सिंह, उद्भव नारायण सिंह, अनुज कुमार सिंह, अवनींद्र त्रिपाठी, उमेश पांडेय, वंशराज पांडेय, वीएन कुशवाहा, विरेंद्र गुप्ता, हरेंद्र मौर्य आदि मौजूद रहे।