भाटपाररानी क्षेत्र की ग्राम पंचायत धरमखोर करन का मामला, नाम था अजय प्रकाश और बन गया अजय प्रताप
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। भाटपाररानी ब्लाॅक क्षेत्र की ग्राम पंचायत धरमखोर करन के ग्राम प्रधान ने पंचायत चुनाव में नाम बदल कर चुनाव लड़ा और अपने विरुद्ध अभियोग, जिसमें दोषमुक्त किया गया है, इसका उल्लेखन नामांकन में नहीं किया गया। इसका दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने प्रधान अजय प्रताप यादव को बर्खास्त कर दिया है।
जिलाधिकारी से गांव के जगरनाथ सिंह की शिकायत की थी। इसके बाद मामले की युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी से जांच कराई गई। उन्होंने जांच रिपोर्ट 12 जनवरी 2024 को दी। जांच में पाया गया कि ग्राम प्रधान अजय प्रताप यादव वर्ष 2021 पंचायत चुनाव में जयप्रकाश यादव नाम से गैंगस्टर एक्ट अभियोग को छिपाने आपराधिक अभियोग, जिसमें दोष मुक्त किया गया है, इसका उल्लेख नहीं किया तथा 2015 पंचायत चुनाव में परिवर्तित नाम छिपाकर कर जयप्रकाश यादव नाम से नामांकन करने का दोषी पाया गया है।
इस आधार पर जिला मजिस्ट्रेट व जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान अजय प्रताप यादव बर्खास्त कर दिया। साथ ही विकास कार्यों को जारी रखने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है।
डीएम ने आदेश में कहा है कि यह आदेश उच्च न्यायालय इलाहाबाद में दाखिल रिट अजय प्रताप यादव बनाम उत्तर प्रदेश सरकार में पारित अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।
समिति के ये हैं सदस्य
भाटपारररानी ब्लाॅक क्षेत्र की ग्राम पंचायत धरमखोर करन के प्रधान की बर्खास्तगी के बाद तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसमें ग्राम पंचायत सदस्य सुभर सिंह, डेजी और नरेश साहनी शामिल हैं।