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Deoria News: प्रधान प्रियंका खरवार का जाति प्रमाणपत्र निरस्त

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प्रधान प्रियंका खरवार का जाति प्रमाणपत्र निरस्त
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जांच में डीएम ने अमान्य करार दिया, महुअवा खुर्द की प्रधान हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
बघौचघाट। महुअवा खुर्द ग्राम सभा की ग्राम प्रधान का अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र डीएम जितेंद्र कुमार सिंह ने बुधवार को निरस्त कर दिया। इसी प्रमाणपत्र के आधार पर प्रियंका दो वर्ष पूर्व ग्राम प्रधान बनी थीं। गांव के रामसनेही गोंड ने जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की थी। जांच में प्रधान का प्रमाणपत्र अमान्य करार दे दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कुछ जातियों को उनके पूर्व की श्रेणी में बैक कर दिया गया था। डीएम ने इस मामले में विधिक कार्रवाई की बात कही है।
अप्रैल 2021 में ग्राम सभा में ग्राम प्रधान का चुनाव हुआ था। पथरदेवा विकास खंड के महुअवा खुर्द ग्राम सभा आरक्षण में अनुसूचित जनजाति हो गया। गांव की प्रियंका खरवार ने चुनाव लड़ने के लिए खरवार जनजाति का प्रमाणपत्र 30 मार्च 2021 को बनवाया था।
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गांव के रामसनेही गोंड ने 16 जुलाई को 2021 को शिकायत की कि प्रियंका कमकर जाति की हैं। इनके पूर्वज कमकर थे। इसकी जांच डीएम ने कराई और दोनों पक्ष की सुनवाई की। जातियों की समीक्षा के दौरान डीएम ने जाति प्रमाणपत्र को अमान्य करार दिया और इसे चार जनवरी को निरस्त कर दिया। ऐसे में प्रमाणपत्र अमान्य हो जाने पर प्रियंका की प्रधानी खतरे में पड़ती दिख रही है। क्षेत्र में प्रियंका की प्रधानी जाने की चर्चा जोरों पर है।
कोट
प्रधान का जाति प्रमाणपत्र गलत होने की शिकायत मिली थी। जांच में मामला सही पाए जाने पर जाति प्रमाणपत्र को निरस्त करते हुए अमान्य करार दे दिया गया है। प्रधान पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
-जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी
कोट
जबसे हमने पढ़ाई-लिखाई शुरू की, तबसे खरवार लिखते आ रही हूं। उसी आधार पर मेरा जाति प्रमाणपत्र बना था और मैं प्रधान बनी थी। जाति प्रमाणपत्र निरस्त होने की जानकारी नहीं है। अगर यह निरस्त हुआ तो मैं कोर्ट जाऊंगी।
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-प्रियंका खरवार, ग्राम प्रधान, महुअवा खुर्द
मनरेगा के फर्जी सड़क भुगतान में भी फंसी हैं प्रधान
बघौचघाट। ग्राम सभा में वित्तीय वर्ष 2020-21में एक सड़क का मिट्टी कार्य पूर्व ग्राम प्रधान ने कराया गया था। इसी कार्य का नाम बदलकर प्रियंका ने 2022-23 वित्तीय वर्ष में नया कार्य दिखाकर रुपये का भुगतान करा लिया। गांव के रितेश गिरी ने इसकी शिकायत की थी। इसकी जांच अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी ने की और शिकायत सही मिली। इसमें खंड विकास अधिकारी ने 17 अगस्त को पंचायत सचिव, तकनीक सहायक और ग्राम प्रधान को नोटिस जारी किया कि एक ही कार्य का दो बार कैसे भुगतान हुआ। इसकी आख्या एक सप्ताह में दी जाए। इस मामले में अबतक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी पथरदेवा अनिल कुमार सिंह ने कहा कि सड़क के मिट्टी कार्य में अनियमितता के मामले में आख्या सभी से मांगी गई थी। आख्या आ गई है। जांच की जा रही है। संवाद
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