छात्र पढ़ाई तो किसान सिंचाई के लिए हो रहे परेशान
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50 गांवों को महज पांच घंटे मिल रही बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर,रामलक्षन। रनिहवां फीडर से हो रही अघोषित बिजली कटौती से छात्र और किसान परेशान हैं। बोर्ड की परीक्षा के दौरान बिजली नहीं मिलने से छात्रों को परीक्षा की तैयारी करने में बाधा आ रही है। वही किसान गेहूं की लहलहाती फसल की सिंचाई को लेकर चिंता में हैं। रामलक्षन क्षेत्र के रनिहवां में 33 केबी का फीडर लगा है। यहां पावर हाउस से करीब 50 गांवों में बिजली की आपूर्ति होती है। गांवो में बिजली निगम के 18 से 20 घंटा बिजली देने का दावा खोखला साबित हो रहा है। इन गांवों में महज चार से पांच घटे ही बिजली मिल रही है। बिजली रात में कब आती है और कब चली जाती है, पता नहीं चल पाता है। गर्म मौसम के कारण खेत में खड़ी गेहूं की फसल सिंचाई नहीं होने से चौपट हो रही है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा दे रहे छात्रों की बिजली नहीं रहने से रात में पढ़ाई नही हो पा रही है।
- बिजली कटौती से परीक्षा की तैयारी में काफी व्यवधान हो रहा है। रात में बिजली देर रात के बाद आ रही है। दिन में भी दोपहर दो से शाम पांच बजे तक कटौती हो रही है। रात में सात से 11 बजे तक बिजली मिलनी चाहिए।
-आदर्श जायसवाल छात्र
बोर्ड परीक्षा को लेकर बिजली की आपूर्ति में कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है। छात्रों के भविष्य को देखते हुए यूपीपीसीएल को रात में कटौती बंद कर देना चाहिए। तैयारी प्रभावित हो रही है। -नित्यानंद यादव छात्र
तय रोस्टर के हिसाब से बिजली आपूर्ति नही हो रही है। बिजली निगम छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। परीक्षा के समय बिजली का हाल बदतर हो गया है। लक्की कनौजिया छात्र
गेहूं की अच्छी फसल पर बिजली कटौती भारी पड़ रही है। गर्मी बढ़ने से फसलों की सिंचाई की जरूरत है। कटौती से फसल की सिंचाई करने में दिक्कत आ रही है। शिवराज निषाद किसान
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लाइन ट्रिपिंग और फाल्ट के कारण कुछ देर आपूर्ति बाधित हो सकती है। रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति हो रही है। तय रोस्टर में बदलाव ऊपर से होता है। -राजा प्रसाद जेई, बिजली निगम