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Deoria News: पोखरों का सुंदरीकरण हो गया, लेकिन रखरखाव नहीं

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गायत्री मंदिर ​स्थित ल​क्षीराम पोखरा।संवाद
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- शहर के लक्षीराम पोखरे की बुरी हालत, दो साल पहले सुंदरीकरण के लिए हुए थे 17.27 लाख रुपये खर्च
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- हाथीकुंड व परमार्थी पोखरा भी साफ-सफाई का अभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में तालाबों की संख्या सिमटती जा रही है। सुदूर ग्रामीण देहातों में तो कई तालाबों का अस्तित्व ही खत्म हो गया, तो कई का आकार सिमट गया है। यहां तक कि कई दशक पहले आकड़ों में तालाबों की संख्या जितनी दिखाई गई है, अस्तित्व में उतने नजर भी नहीं आ रहे हैं। सरकार और जनता के स्तर अगर कारगर प्रयास नहीं किए गए, तो निकट भविष्य में बचे तालाबों का अस्तित्व भी खतरे में है।
इसके इतर शहर यानि नगर पालिका क्षेत्र में जितने तालाब हैं उनकी स्थिति चिंताजनक है। सुंदरीकरण हो गया। उसके बाद जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। रखरखाव नहीं होने से इनकी हालत खराब हो गई है। तालाब नदी व गंदगी से पटे हैं। एकाध को छोड़ दें तो किसी भी तालाब का पानी साफ नहीं है। आस्था महान पर्व छठ व अन्य पर्व त्योहार पड़ने पर इन तालाबों के घाट वाले स्थानों की साफ-सफाई कराकर नगर पालिका की तरफ से कोरम पूरा कर लिया जाता है। सबसे दयनीय स्थिति लक्षीराम पोखरे की है।
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लक्षीराम पोखरे के चारों तरफ गंदगी का अंबार
शहर के वार्ड नंबर चार गायत्री मंदिर परिसर स्थित लक्षीराम पोखरा है। इसके पूरब व दक्षिण की तरफ वित्तीय वर्ष 2022-23 में नगर पालिका की तरफ से सुंदरीकरण का कार्य कराया। इस पर 1727735 रुपये खर्च किए गए। पोखरे का सुंदरीकरण होने के बाद सुबह व शाम टहलने वालों की अच्छी भीड़ उमड़ने लगी, लेकिन वर्तमान में हालात देवरिया-हाटा मुख्य मार्ग से होकर गुजरने वालों को नाक बंद करके गुजरना पड़ता है। इस पोखरे के पास पीछे शहर का प्रसिद्ध देवरही मंदिर है, जहां सैकड़ों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते व जाते हैं। सड़क के एक किनारे स्थित इस पोखरे के सामने सड़क के दूसरी तरफ तिरुपति बालाजी मंदिर जाने का गेट है।
जहां से मंदिर महज चंद कदमाें पर है। यहां भी सैकड़ों लोग दर्शन करने आते हैं। पोखरे के पास ठहरने की कौन कहे जल्दी-जल्दी वहां से चले जाना मुनासिब समझते हैं। मुख्य मार्ग पर पोखरे के होने के चलते दुकानदारों के साथ-साथ मोहल्लेवासियों द्वारा तालाब के किनारे गंदगी आदि फेंकी जाने लगी, जिससे वहां रुकने की कौन कहे इन दिनों गुजरने से लोग कांप जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका से पोखरे की साफ-सफाई कराने की मांग की है।

देवरिया खास के हाथीकुंड पोखरा में सफाई का अभाव
शहर के देवरिया खास के हाथीकुंड पोखरे पर भी साफ-सफाई का अभाव है। एक तरफ नगर पालिका की तरफ से पक्की सीढ़ी का निर्माण कराकर घाट बना दिया। वहीं पोखरे के तीन तरफ कुछ नहीं कराया गया, जिससे पोखरे में गंदगी की भरमार है। नगर पालिका की तरफ से घाट की तरफ पर्व व त्योहार के मौके पर साफ-सफाई कराकर कोरम पूरा कर लिया जाता है।

परमार्थी पोखरे के चारों तरफ पक्कीकरण, फैली है गंदगी
शहर के जलकल के परमार्थी पोखरा का नगर पालिका की तरफ से चारों तरफ से पक्कीकरण कराया गया है, लेकिन समुचित देखरेख के अभाव में हर तरफ की सीढि़यों पर गंदगी फैली रहती है। आसपास मॉल, दुकानें कई दुकानें होने की वजह से यहां आने वाले लोग यंत्र-तंत्र पॉलीथिन व कूड़ा करकट फेंक देते हैं। नगर पालिका के सफाईकर्मी सड़कों के साथ सीढ़ी के ऊपरी हिस्से की सफाई कर देते हैं, परंतु नीचे की तरफ का हिस्सा गंदगी से पटा रहता है। इसके चलते लोग पोखरे की तरफ कम ही आते व जाते हैं।
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कोट
शहर के प्रमुख छोटे व बड़े पोखरों की साफ-सफाई कराई जाएगी। ताकि उसके आसपास सुबह व शाम में मोहल्लेवासी जाकर बैठ सकें। जहां गंदगी की भरमार है कर्मियों को लगाकर उसे जल्द से जल्द साफ सुथरा कराया जाएगा। एक दिन पहले परमार्थी पोखरे का निरीक्षण किया था। मैंने इसे जल्द से जल्द साफ कराने का निर्देश दिया है।
-संजय कुमार तिवारी, ईओ, नगर पालिका
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