संवाद न्यूज एजेंसी
तरकुलवा। छेड़खानी मामले में फरार चल रहा चौथा आरोपी विवेक पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। घटना के ग्यारह दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। हालांकि, आईओ के समक्ष उपस्थित नहीं होने और गिरफ्तारी नहीं कर पाने पर पुलिस उसके घर पर धारा 35 की नोटिस चस्पा की है।
ग्रामीण बताते हैं कि घटना को अंजाम देने के बाद विवेक घर पहुंचा और बहन को बाइक से ले जाकर बिहार छोड़ा। लौट कर फिर घर आया और मां को ले जाकर ननिहाल पहुंचाया। फिर तीसरी बार घर पहुंचा और घर को बंद कर खुद भी फरार हो गया। यदि घटना के तत्काल बाद पुलिस सक्रिय हुई रहती तो उसी दिन उसकी गिरफ्तारी हो गई होती।
थाना क्षेत्र के एक विद्यालय में पढ़ने वाली आठवीं क्लास की दो छात्राएं चार अक्तूबर को सुबह 10 बजे के करीब परीक्षा देकर घर लौट रही थीं। इस बीच बाइक पर सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने उनके साथ छेड़खानी की। स्कूल के प्रबंधक उमेश यादव की तहरीर में पुलिस ने चार अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई में जुट गई।
विवेचना के दौरान बदमाशों का नाम प्रकाश में आने के बाद छह अक्टूबर की देर रात पुलिस ने सिरसिया गोठा रोड पर मुठभेड़ के दौरान बंजरिया गांव के बैकुंठपुर टोला निवासी धीरज पटेल और रितिक यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी।
उन दोनों की निशानदेही पर इसी गांव के एक नाबालिग अभियुक्त को सात तारीख को कंचनपुर चौराहे से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया। चौथा आरोपी विवेक पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। पुलिस ने 13 अक्तूबर को उसके घर पर धारा 35 का नोटिस चस्पा कर गिरफ्तारी के लिए जुटी है। ग्रामीणों का कहना है विवेक सैनी घटना को अंजाम देने के बाद घर पहुंचा था और बारी-बारी बहन और मां को बाइक से उनके मायके पहुंचाया।
तीसरी बार लौटकर फिर घर पहुंचा और सुनियोजित तरीके से घर को बंद कर खुद भी फरार हो गया। पुलिस दोनों को उठाने के प्रयास में है, लेकिन वे दोनों वहां से भी फरार बताए जा रहे हैं। धारा 35 की नोटिस चस्पा कर गिरफ्तारी के लिए जुटी हुई है।