- मझौली राज दीर्घेश्वर नाथ मंदिर मोड़ पर रात्रि गश्त के दौरान मनबढ़ ने किया था हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। मझौली राज के दीर्घेश्वर नाथ मंदिर को जाने वाली सड़क पर 26 जुलाई की रात ड्यूटी में तैनात डायल 112 नंबर टीम पर मनबढ़ किस्म के युवकों ने ईंट पत्थर व लाठी-डंडे से हमला कर दिया था। इसमें ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया था। सूचना पर पहुंचे सीओ दीपक शुक्ला ने घायल सिपाही का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया। सिपाही की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया, लेकिन पुलिस 50 दिन बाद भी अपराधियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। इसको लेकर लोग पुलिस पर सवाल उठा रहे हैं कि जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं है, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा।
26 जुलाई की रात कोतवाली थाने पर डायल-112 नंबर में इनोवा गाड़ी पर बिहारी कुमार विनय की तैनाती थी। इस दिन की रात वह रात चालक धर्मदेव के साथ ड्यूटी पर थे। करीब 11.30 बजे लोकेशन के मुताबिक गाड़ी मझौली राज के दीर्घेश्वर नाथ मंदिर जाने वाली सड़क पर थी। इसी बीच दो बाइक पर सवार चार से पांच की संख्या में बदमाश पहुंचे और कहे मामा का हाल बा कहकर ईंट पत्थर चलाने लगे।
जब टीम ने विरोध किया तो लाठी डंडे से हमला कर दिया। इसमें सिपाही बिहारी कुमार विनय (29) पुत्र सती राम बिंद घायल हो गए। खून से लथपथ सिपाही ने इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस और सीओ दीपक शुक्ला को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस को देख मनबढ़ भाग निकले। काफी खोजबीन के बाद भी बदमाशों का पता नहीं चल सका। घायल सिपाही को सीओ दीपक शुक्ला ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजवाया, जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। आनन-फानन में कोतवाली पुलिस ने घायल सिपाही के तहरीर पर धवरकन गांव निवासी विशू पाठक, प्रशांत पाठक व हिमांशू समेत एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। विवेचक के मुताबिक दो आरोपितों ने जमानत करा ली, जबकि दो अन्य फरार हैं।