बरहज। एक महिला के साथ संभ्रांत लोगों का वीडियो बनाकर उनसे मोटी रकम वसूले जाने मामले में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्त की तहरीर पर दर्ज केस में पुलिस आरोपियों के बैंक खातों की छानबीन कर रही है। मामले में तीन के विरुद्ध केस दर्ज की है। इसमें एक महिला का नाम प्रकाश में आने पर धारा बढ़ाते हुए उस पर भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों के संचलन पर रोक लगाए जाने की कवायद भी कर रही है। फिलहाल सुभाष की लोकेशन मिलने पर पुलिस की एक टीम प्रयागराज रवाना की गई है।
आरोपियों की ओर से कम समय में गलत तरीके से करोड़ों रुपये कमाने की बात सामने आ रही है। पुलिस उनके बैंक के खातों को खंगाल रही है। इनमें कुछ खातों के संचलन पर रोक लगाई जा सकती है। एक आरोपी के खाते में 70 लाख रुपये होना बताया जा रहा है। महिला को आगे कर नगर-क्षेत्र के संभ्रांत लोगों का वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल जैसे खेल की शुरुआत सुभाष के घर से ही हुई है। इसमें बिहार बार्डर के जगदीशपुर क्षेत्र की एक आशा कार्यकर्ता का भी नाम सामने आया है। इसके जरिए नगर के तंबाकू विक्रेता को ब्लैकमेल कर करीब छह लाख रुपये वसूल किया गया था। जबकि विक्रेता को सुभाष के घर में बंधक बनाकर डराने-धमकाने जैसी बात भी सामने आ रही है। ब्लैकमेलरों का नेटवर्क नगर-क्षेत्र के अलावा गैरजनपद में भी फैला होना और लोगों को शिकार बनाए जाने की बात कही जा रही है। आशा कार्यकत्री के पकड़े जाने पर और भी राज खुल सकते हैं। हालांकि पुलिस जेल गए आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी में जुटी है। जिससे और भी राज उगलवाए जा सकें।
फरार चल रहा ब्लैकमेलर जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होगा। कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं।
- अंशुमन श्रीवास्तव सीओ, बरहज