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Deoria News: मौसम का बच्चों की सेहत पर असर, निमोनिया के बढ़ रहे मरीज

Sun, 17 Dec 2023 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। मौसम का असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। ठंड में लापरवाही भारी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज में निमोनिया मरीजों में इजाफा हुआ है। हर रोज पीड़ित बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें गंभीर सात से आठ मरीजों को भर्ती कराया जा रहा है। इनके ठीक होने में सात से दिन का समय लग जा रहा है। डॉक्टर दवा के साथ बचाव व सावधानी बरतने को कह रहे हैं।
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ठंड के मौसम में वायरस का संक्रमण हो रहा है। लापरवाही बरतने पर बच्चों में इंफेक्शन तेज हो गया है। रोग प्रतिरोध क्षमता कम होने के कारण बच्चों के चपेट में आने से स्वास्थ्य बिगड़ जा रही है। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बुखार, सर्दी, जुकाम, सांस, उल्टी-दस्त से पीड़ित बच्चों को लेकर परिजन पहुंच रहे हैं। इसमें निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। हर रोज करीब 40 से 50 मरीज आ रहे हैं। इसमें गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। शनिवार को बाल रोग विभाग के बाहर मरीजों की कतार लगी थी। वहीं, पीआईसीयू के 15 बेड भरे रह रहे हैं। भर्ती मरीजों में आधे सर्दी, खांसी, सांस लेने में दिक्कत के मरीज शामिल रहे। ओपीडी में शनिवार को डॉ. आरके श्रीवास्तव ने करीब सौ से अधिक बच्चों का इलाज किया। अधिकांश मरीजों को दवा के साथ बचाव का सुझाव दिया गया। जबकि गंभीर मरीजों को भर्ती किया गया। वहीं चिकित्सक कक्ष में डॉ. प्रवीण पांडेय ने 30 मरीजों का इलाज किया। सांस के गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
डॉ. एचके मिश्रा ने बताया कि इस मौसम में बच्चों में इम्युनिटी कम हो जाती है। वायरस सांस की नली से अंदर चले जाते हैं। इससे इंफेक्शन फैल जाता है। बच्चों को बुखार, खांसी, तेज सांस की परेशानी होती है। सामान्य मरीजों को दवा दिया जा रहा है। जबकि गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। इस समय बच्चों पर ध्यान देने की जरूरत है।
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यह बरतें सावधानी
- पूरा कपड़ा पहनें, ठंड से बचें
- ठंड पेय पदार्थों का सेवन न करें, गर्म पेय पदार्थ का सेवन करें
- बच्चों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नहीं जाने दें
- मौसमी फल व हरी साग-सब्जी का सेवन करें
- छह माह तक बच्चों को मां का दूध पिलाएं
- साफ-सफाई पर रखें, हाथ की सफाई करें
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ठंड से बच्चे बीमार हो रहे हैं। बुखार, सर्दी, खांस, तेज सांस के मरीज बढ़े हैं। इस मौसम में बच्चों को लेकर सर्तकता जरूरी है। तबीयत बिगड़ने पर लापरवाही न करें। इधर-उधर दवा कराने की बजाए विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं और दवा दें। आराम न मिलने पर डॉक्टर के परामर्श पर भर्ती कर इलाज कराएं। अस्पताल में इलाज व दवा की सुविधा है।
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डॉ. एचके मिश्रा
सीएमएस
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