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Deoria News: कबड्डी का मैट है, प्रशिक्षक नहीं होने से अन्य शहरों का रुख कर रहे खिलाड़ी

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- कबड्डी लीग की शुरुआत के बाद बढ़ी है खिलाड़ियों की संख्या
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- नए सत्र में भी कबड्डी की नर्सरी तैयार करने के लिए जिम्मेदारों ने नहीं की कोई ठोस पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम मे 256 सेट का कबड्डी मैट खिलाड़ियों के किसी काम नहीं आ रहा है। मैट होने के बावजूद खेल निदेशालय इस सत्र में भी खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षक की व्यवस्था नहीं कर पाया है। इससे यहां के खिलाड़ियों को अन्य शहरों का रुख करना पड़ रहा है।
आईपीएल की तर्ज पर प्रो कबड्डी लीग की शुरुआत होने के बाद कबड्डी को नई पहचान मिली है। इससे इस खेल के प्रति खिलाड़ियों का आकर्षण भी बढ़ा है, लेकिन जिले स्तर पर स्टेडियम में बुनियादी सुविधाएं नहीं होने से खिलाड़ी यहां की व्यवस्था से निराश हो जा रहे हैं। एक साल पूर्व करीब साढ़े चार लाख रुपये की लागत से यहां 256 सेट का मैट खेल निदेशालय की ओर से उपलब्ध कराया गया। यह मैट खिलाड़ियों के कम, स्टोर रूम की शोभा अधिक बढ़ा रहा है। मैट मिला तो उम्मीद जगी थी कि इससे खेल व खिलाड़ियों के काम आएगा और जनपद के भी खिलाड़ी स्टेट व नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में जिले का मान बढ़ाएंगे। साथ ही उन्हें मिट्टी पर नहीं, नए नियमों व सुविधाओं के तहत मैट पर खेलने का पूरा अभ्यास मिलेगा और इससे चोट भी लगने की संभावना कम होगी। लेकिन सत्र 2023-24 में भी प्रशिक्षक नहीं दिए जाने से यह मैट खिलाड़ियों के किसी काम नहीं आएगा, यह तय हो गया है।
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यहीं मिले सुविधाएं तो बाहर क्यों जाएं
सलेमपुर क्षेत्र के करौता गांव की सकीना जो प्रयागराज स्थित मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में अभ्यास करती हैं, ने बताया कि अपने जिले में भी सुविधाएं मिले तो यहीं अभ्यास किया जाता। देवरिया स्टेडियम में कबड्डी का प्रशिक्षक नहीं होने से खिलाड़ियों का नुकसान होता है। तरकुलवा क्षेत्र की अन्नू गोंड कहती हैं कि प्रशिक्षक व सुविधाएं नहीं होने से बाहरी जिलों में जाना पड़ता है।
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कबड्डी के खिलाड़ियों को सुविधा मिले, इसके लिए 256 सेट का मैट स्टेडियम में उपलब्ध है। नए सत्र में भी इस खेल में प्रशिक्षक नहीं मिलने से इसका प्रशिक्षण यहां नहीं चलाया जाता। सुविधाएं बढ़े, इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाता है।
....राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी
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