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तीसरा सोमवार : दुग्धेश्वरनाथ के द्वार उमड़ी श्रद्धा अपार

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रुद्रपुर के दुग्धेश्वरनाथ मंदिर पर जलाभिषेक करने को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : DEORIA
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तीसरा सोमवार : दुग्धेश्वरनाथ के द्वार उमड़ी श्रद्धा अपार
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भगवामय हुआ परिसर, हर-हर महादेव, बोल बम के जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने नवाया माथ
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। सावन महीने के तीसरे सोमवार को दुग्धेश्वरनाथ के द्वार पर शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। हर-हर महादेव के जयकारे के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान मंदिर परिक्षेत्र में भगवाधारी कांवड़ियों की भीड़ लगी रही।
बरहज स्थित सरयू नदी से जलभर कर कांवड़िए सुबह तीन बजे रुद्रपुर स्थित पौराणिक तीर्थ स्थल दुग्धेश्वनाथ मंदिर पर पहुंचे। सुबह आरती होने के बाद भक्तों के लिए मुख्य द्वार खोल दिया गया। गर्भगृह में बोल बम का जयकारा लगाते हुए लोगों ने जलाभिषेक किया। जिले के कोने-कोने से जुटी भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर के दक्षिणी द्वार से उन्हें प्रवेश कराया गया। पुरुष और महिलाओं की अलग-अलग कतार बना कर मंदिर में जल चढ़ाने को भेजा गया।
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पुलिस बल के साथ मंदिर प्रशासन के लोग व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। पूजा-अर्चन करने के बाद महिलाओं ने मेले में खरीदारी की। बच्चों ने मेले का लुत्फ उठाया। मंदिर स्थित धर्मशाला में लोगों ने कथा-कढ़ाही चढ़ा कर प्रसाद ग्रहण किया। रुद्रपुर गोरखपुर मार्ग पर मंदिर पर भीड़ को देखते हुए वाहनों के आने-जाने का रास्ता बदल दिया गया था। इस अवसर पर एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय, सीओ जिलाजीत, कोतवाल राजू सिंह, चेयरमैन प्रतिनिधि वीरेंद्र शर्मा सभासदों के साथ मौजूद रहे।
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भंडारे में शामिल हुए भक्त
रुद्रपुर। दुग्धेश्वरनाथ मंदिर पर चिकित्सक टीम द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण हुआ। सुबह सात बजे से शुरू भंडारा दोपहर तक चला। मंदिर पर आए भक्त भंडारे में शामिल हुए लोगों की सेवा में लगे रहे। इस अवसर पर डॉ. एसके शाही, डॉ. रश्मि शाही, अनिल शुक्ला, प्रमोद, मनोज पांडेय, डॉ. डीके सिंह, अरविंद यादव, अजय कुमार, अविनाश चौरसिया आदि मौजूद रहे।
....फोटो समाचार
सोमनाथ मंदिर में भोर से ही लग गई कतार
कई शिव मंदिरों में दिन भर चलता रहा रुद्राभिषेक का कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तीसरे सोमवार को जनपद के छोटे-बड़े सभी शिवालयों में भोर से ही जलाभिषेक एवं पूजन अर्चन को महिला-पुरुष उमड़े रहे। कई मंदिरों में रुद्राभिषेक का कार्यक्रम पूरे दिन चलता रहा। हर-हर महादेव के जयघोष से माहौल भक्तिमय रहा।
शहर के सोमनाथ मंदिर, सिद्धेश्वरनाथ मंदिर न्यू कॉलोनी, पुलिस लाइंस, भटवलिया हाइडिल कॉलोनी और कचहरी स्थित शिव मंदिर पर भोर से ही भीड़ जमी रही। शिवालयों के बाहर एवं परिसर में पूजन सामग्री की दुकानें पर भी खूब रौनक रही। मुख्य मंदिरों के बाहर पुलिस तैनात रही। सोमनाथ मंदिर के पुजारी भोला गिरि व कैलाश पांडेय ने बताया कि दर्शनार्थियों के लिए भोर में ही द्वार खोल दिया गया था।
पुलिस लाइंस स्थित शिवालय के पुजारी नारायण मणि त्रिपाठी ने बताया कि हर दिन शिवलिंग एवं मंदिर परिसर की खास सफाई कराई जा रही है। सिद्धेश्वरनाथ शिव मंदिर न्यू कॉलोनी के रमेश दूबे एवं हाइडिल कॉलोनी भटवलिया शिवालय के पुजारी व्यासमुनि पांडेय ने बताया कि कई साधकों ने परिवार संग रुद्राभिषेक भी कराया।
कचहरी चौराहा स्थित ओंकारेश्वर पंचदेव शिव मंदिर के मुख्य पुजारी यशोदा बाबा ने बताया कि सावन के तीसरे सोमवार को जलाभिषेक व पूजन-अर्चन करने वालों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए व्यवस्था बनाई गई थी।
शिवालयों में उमड़ी भक्तों की भीड़
देसही देवरिया। क्षेत्र के शिवमंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। देर शाम तक जलाभिषेक और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा।
पिपरा मदन गोपाल, महुआडीह, रामपुर चंद्रभान, बैजनाथपुर, बरवां मीरछापर, नौतन हथियागढ़, हेतिमपुर, बरमहिया, मुंडेरा चंद, अकटहिया हरैया बसंतपुर, जंगलबेलवा, लक्ष्मीपुर आदि प्रमुख शिव मंदिरों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। भक्तों के जयकारों और घंटों की ध्वनि से क्षेत्र गूंज उठा। संवाद
फोटो समाचार..
जयघोष से गूंजता रहा मठिया शिवालय
खुखुंदू। मठिया के प्राचीन शिव मंदिर में भी बड़ी संख्या में शिव भक्तों का रेला भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए उमड़ा। दिन भर हर-हर महादेव के जयघोष से मठिया शिवालय गूंजता रहा।
प्राचीन शिव मंदिर मठिया में भोलेनाथ के दर्शन के लिए बिहार से भी बड़ी संख्या में शिवभक्तों का आना-जाना रहता है। मनोकामनाएं पूर्ण होने पर भक्त रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन कराते हैं। यह सिलसिला हमेशा चलता रहता है। संवाद
दीर्घेश्वरनाथ मंदिर में किया जलाभिषेक
सलेमपुर। मझौलीराज के दीर्घेश्वर नाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए लाइन में लगे रहे। इसके अलावे बंजरिया, चेरो, बरठी, ठाकुर गौरी, माड़ोपार समेत ग्रामीण इलाकों में लोगों ने भांग, धतूर, विल्वपत्र, पुष्प, गुड़ व अक्षत से जलाभिषेक के बाद पूजा-अर्चन की। पं. अजय शुक्ल के अनुसार तीसरा सोमवार लंबी आयु, शक्ति और धन प्रदान करने वाला है। संवाद
....फोटो समाचार
दीर्घेश्वर नाथ मंदिर : आज भी दर्शन करने आते हैं अश्वत्थामा
मान्यता है कि मंदिर में पूजन-अर्चन करने वाला होता है दीर्घायु
जितेंद्र नाथ पांडेय
सलेमपुर। मझौली राज के दीर्घेश्वर नाथ मंदिर में आज भी अश्वत्थामा माथा टेकने आते हैं। यह बात यहां के स्थानीय लोग व मंदिर के संस्थापक स्व. बंगाली बाबा भी बताते थे। मान्यता है कि इस मंदिर में पूजन करने वाला दीर्घायु होता है। इसके चलते मंदिर का नाम दीर्घेश्वर नाथ पड़ा। पूरे सावन भर और विशेषकर सोमवार तथा महाशिवरात्रि पर श्रद्धालु यहां जलाभिषेक व पूजन-अर्चन करते हैं।
किवंदंतियां हैं कि दीर्घेश्वर नाथ मंदिर में आज भी दर्शन पूजन के लिए अश्वत्थामा आते हैं। सावन में हर सोमवार के अलावा शिवरात्रि में दर्शन पूजन के लिए काफी भीड़ होती है। महाभारत काल से जुड़े इस मंदिर का मझौली राज की महारानी श्याम सुंदरी कुंवरी ने जीर्णोद्धार कराया था। इसके पहले नगीनादास उर्फ बसुरिया बाबा ने मंदिर के जीर्णोद्धार का प्रयास किया, लेकिन कुछ दिक्कत होने से सफल नहीं हुए। बाद में बंगाली बाबा ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया।
द्वापरकालीन मंदिर होने के नाते यह मान्यता है कि अश्वत्थामा यहां शिवजी के पूजन के लिए आते हैं। मंदिर के महंत जगन्नाथ दास बताते हैं कि मंदिर परिसर के पार्वती सरोवर में सफेद कमल के फूल खिलते हैं। यह शिवजी को विशेष रूप से पसंद है। अश्वत्थामा यहीं से फूल और जल लेकर सहस्त्रार्चन रूपी विशेष पूजा कर शिवजी को प्रसन्न करते थे। शिवजी ने ही अश्वत्थामा को लंबी उम्र (दीर्घायु) का वरदान दिया था। इसी नाते इस शिव मंदिर को दीर्घेश्वर नाथ मंदिर कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम ने चार दशक पूर्व यहां खुदाई की थी। इसमें मृद भांड, कांसे की मूर्तियां, पत्थर की मूर्तियां, प्राचीन सिक्के प्राप्त हुए थे। इसी आधार पर उन्होंने रिपोर्ट बनाई, जिसमें मंदिर की प्राचीनता और द्वापरयुगीन होने का दावा किया था। कहा जाता है कि जो भी इस मंदिर में जाकर पवित्र मन से भगवान शिव के दर्शन करता है, उसकी उम्र बढ़ जाती है।
लोकजीवन में प्रचलित कथाओं के मुताबिक भगवान शिव यहां पर स्वयंभू शिवलिंग के रूप के उत्पन्न हुए थे। शिवलिंग के जंगलों के बीच होने के कारण पहले यहां जाने से लोग डरते थे। बाद में लोग यहां जाने लगे। क्योंकि भगवान शिव भक्तों को दीर्घायु होने का आशीर्वाद देते हैं।
मझौलीराज के त्रिलोकी चौरसिया बताते हैं कि वह एक बार बंगाली बाबा के पास बैठे थे। इसी बीच एक सफेद आकृति दिखी। उस समय बाबा ने कहा, जाओ उनसे कुछ मांग लो। जब वहां गए तो वह सफेद आकृति गायब हो गई। उन्होंने बताया कि अश्वत्थामा के मस्तक से मणि निकालने के बाद उनके सिर में घाव आज भी है। वह दर्द से परेशान रहते हैं। इसके लिए यहां माथा टेकने आते हैं। दीर्घेश्वरनाथ मंदिर में माथा टेकने से उनका दर्द शांत हो जाता है तो वह चले जाते हैं।
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बाबा कामेश्वर नाथ शिव मंदिर की पूजा
बरहज/वीरपुर मिश्र। बाबा कामेश्वरनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया। उधर, सरयू नदी तट से कांवड़ियों ने बाबा महेंद्रानाथ और दुग्धेश्वरनाथ के जलाभिषेक के लिए जल भरा।
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रविवार की देर शाम से ही सरयू तट पर कांवड़ियों का रेला उमड़ने लगा। पूरी रात सड़कों के रास्ते पैदल चलकर भक्त मंदिर पहुंचकर सोमवार को भोले भंडारी का जलाभिषेक किए। एहतियात को लेकर मंदिरों पर पुलिस तैनात रही। नगर के नीलकंठ महादेव मंदिर, वीरपुर मिश्र के बाबा कामेश्वर नाथ, भलुअनी, करुअना, मगहरा, सोनाड़ी, गड़ेर आदि क्षेत्र के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। संवाद
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