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नगर में जलभराव से सांसत में लोग

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उमा नगर पश्चिमी मोहल्ले में भरा बारिश का पानी। - फोटो : DEORIA
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नगर में जलभराव से सांसत में लोग
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जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से 25 वर्ष से जलभराव की समस्या से जूझ रहा शहर
लगातार मूसलाधार बारिश से बढ़ी मुसीबतें, कई घरों में घुसा पानी
देवरिया। जनपद में तीन दिन से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश से शहर के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया है। जलनिकासी की व्यवस्था न होने से लोगों को पानी से होकर आना-जाना पड़ रहा है। वहीं कुछ जगह पानी घरों तक पहुंचने के कारण लोगों को सांसत झेलनी पड़ रही है। करीब 25 वर्षों से केवल कागजों में जल निकासी की व्यवस्था हुई है। जिसे कारण शहर के बड़े नाले से जुड़े छोटे नाले का पानी पहुंच नहीं रहा है। वहीं दूसरी तरफ मोहल्लों की छोटी नालियां चोक होने से पानी सड़कों पर बह रहा है।
हर साल होने वाली मूसलाधार बारिश में अफसरों को शहर की जलनिकासी व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करना याद आता है। पर सच तो यह है कि 1998 से अब तक जल निकासी की व्यवस्था की कार्ययोजना केवल कागजों में तैयार होती रही है। सिविल लाइंस पर बड़ा नाला भी करोड़ों रुपये खर्च कर बनाया गया है। इसके बाद भी जल निकासी का इंतजाम नहीं हो पाया है। बड़े नाले का हाल यह है कि इससे छोटे नालों को जोड़ने की कार्ययोजना केवल कागजों में बनाई गई है। पुलिस लाइंस, पुराना पोस्टमार्टम रोड, राघव नगर, कोतवाली रोड, जिला अस्पताल रोड, रामलीला मैदान सहित अन्य मोहल्लों से बड़े नाला तक मिलने छोटे नाले का पानी नहीं जा पा रहा है। इसके पीछे कारण यह है कि बड़ा नाला काफी ऊंचा है।
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ढलान गलत होने से यह दिक्कत आ रही है। यहां तक कलेक्ट्रेट, पुलिस आफिस सहित अन्य भवन नीचे हो गए हैं। इन जगहों से जल निकासी की व्यवस्था बड़े नाला तक नहीं हो पाई है। वहीं सबसे बड़ी दिक्कत मोहल्लों में उत्पन्न हो गई है। जलभराव के कारण शुक्रवार को शहर के करीब दस मोहल्लें में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। शहर के वार्ड नंबर पांच के शांति नगर, भटवलिया, रामगुलाम टोला, गरूणपार, दानोपुर, पिड़रा, देवरिया खास, रामनाथ देवरिया, उमानगर में लोगों का घुटने भर पानी के रास्ते घर आना जाना मजबूरी बन गया है। यह समस्या इन मोहल्लों में जड़ जमा चुकी है।
बड़े नाले से आस, निर्माण की गति सुस्त
शहर के खोराराम रोड के कुर्ना नाला से करीब 8.8 किलोमीटर बड़े नाला का निर्माण 41 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। यह नाला 15 फीट गहरा और बारह फीट चौड़ा बनाया जा रहा है। इस बरसात में नाला को शहर के रामनाथ देवरिया मोहल्ले के मोड़ तक निर्माण हो जाना चाहिए था। पर अभी तक महज पांच सौ मीटर भी नाला का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इस नाला के जरिए प्लान बनाया गया है कि जल निकासी की समस्या दूर कर दी जाए। नाला खोराराम रोड से रामनाथ देवरिया चौराहे पर दो भागों में बंट जाएगा। एक पुलिस लाइंस तक दूसरा वन विभाग के रास्ते सिविल लाइंस के नाला को जोड़ेगा पर निर्माण की गति मंद है। नाला को 2024 में बनकर तैयार होना है। जनवरी 2022 में काम शुरू होना था, लेकिन अप्रैल में कार्य शुरू हुआ है, जिससे देरी होना स्वाभाविक है।
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कोट
बड़ा नाला बन जाएगा तो शहर में जलभराव की स्थित नहीं होगी। निचले इलाकों में जलभराव से निपटने के लिए नगर पालिका ने नाला की सफाई कराई है। पानी का बहाव ठीक हो जाए तो जलभराव नहीं होगा। - रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद देवरिया
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