स्वस्थ होने में लग जा रहे एक सप्ताह से दस दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मौसम परिवर्तन से संक्रमण बढ़ा है। इसकी चपेट में आने से बच्चे बीमार हो रहे हैं। दूषित खाद्य पदार्थ एवं पेयजल के सेवन से बुखार, डायरिया, पेट दर्द से पीड़ित हो रहे हैं। इन दिनों मेडिकल कॉलेज के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
पीआईसीयू सहित चिल्ड्रेन वार्ड में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती हैं। वहीं, निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। इन्हें स्वस्थ होने में दस दिन तक का समय लग जा रहा है। डॉक्टर दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम में अचानक बदलाव हो रहा है। मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते संक्रमण बढ़ गया है। जरा सी लापरवाही भारी पड़ रही है। बच्चे संक्रमण की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। बच्चे बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, सांस, सर्दी, जुकाम से पीड़ित हो रहे हैं। बीमार बच्चों को लेकर तीमारदार पहुंच रहे हैं।
बृहस्पतिवार को ईद होने के कारण भीड़ कम रही, लेकिन करीब सौ मरीजों का इलाज किया गया। इसमें 60 प्रतिशत मरीज बुखार, डायरिया के रहे। इसके अलावा अन्य मरीज रहे। इसमें गंभीर करीब पांच मरीजों को भर्ती किया गया। अन्य मरीजों को दवा देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
वार्डों में एक बेड पर दो मरीजों का हो रहा इलाज
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में बुखार, डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बेड फुल हो गए हैं। एक बेड पर दो बच्चों का इलाज चल रहा है। कुल 52 मरीज हैं। इसमें 15 बेड के पीआईसीयू में 18 और बीस बेड के चिल्ड्रेन वार्ड में 34 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें बुखार के 21, डायरिया के आठ, पेट दर्द, उल्टी 14, सांस के सात, झटका के दो मरीज हैं। बेड खाली होते ही भर जा रहा है।
कोट
मौसम के अचानक गर्म और ठंडा होने से बच्चों में इम्युनिटी कम हो जाती है। इससे वायरस व बैक्टीरिया का संक्रमण बढ़ जाता है। दूषित खाद्य पदार्थ, कार्बोनेटेड पेय पदार्थ व साफ-सफाई न रखने से आसानी से संक्रमित हो जाते हैं और बच्चे बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, सांस की बीमारी से पीड़ित हो जाते हैं। इस मौसम में बच्चों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सामान्य मरीजों को दवा दी जा रही है। जबकि गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। परेशानी होने पर तत्काल बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाएं और उनकी सलाह पर दवा दें। अस्पताल में इलाज व दवा की सुविधा है।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस व बाल रोग विशेषज्ञ
बरतें सावधानी
बच्चों को धूप में निकलने व खेलने न दें
पूरे शरीर को ढकने वाले सूती वस्त्र पहनाएं
स्वच्छ पेयजल का प्रयोग करें
दूषित खाद्य पदार्थ सेवन न करें
खुले में बिकने कटे सहित अन्य खाद्य पदार्थ का सेवन न करें
अत्यधिक ठंडा पानी न पीएं
फास्ट फूड, कार्बोनेटेड पेय पदार्थ का सेवन करने से बचें
सुपाच्य एवं हल्के भोजन का सेवन करें
छह माह तक बच्चों को मां का दूध पिलाएं
साफ-सफाई रखें, हाथ की सफाई कर भोजन करें