फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: फर्जीवाड़ा कर तीसरी बार बनवा रहे थे पासपोर्ट, दो गिरफ्तार

Sat, 09 Dec 2023 12:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय से कराई गई जांच में हुआ खुलासा
विज्ञापन

जर्नादन ने दो साल में दो बार बनवा लिया पासपोर्ट, तीसरा बनवाने की फिराक में था

रुद्रपुर। जिले में फर्जी पासपोर्ट बनवाने के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को एकौना पुलिस ने बकरुआ गांव के दो लोगों पर फर्जीवाड़ा कर पासपोर्ट बनवाने के आरोप में केस दर्ज किया। दोनों आरोपी तीसरी बार पासपोर्ट बनवाने की फिराक में थे। इसी बीच, लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय से कराई गई जांच में पुलिस ने फर्जीवाड़ा पकड़ा। एक सप्ताह पहले भी क्षेत्र के लखनाघाट गांव में अमरनाथ यादव अपने दो फर्जी पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया था।
बकरुआ गांव के जनार्दन कुमार यादव ने वर्ष 2016 में पासपोर्ट बनवाया था। दोबारा वर्ष 2017 में भी पासपोर्ट बनवाया। आरोपी ने दोनों बार माता-पिता के नाम में परिवर्तन कर थाने से लेकर पासपोर्ट कार्यालय तक सत्यापन में धोखाधड़ी की और जारी किए गए पासपोर्ट से विदेश यात्रा भी कर ली। गांव के ही धर्मनाथ ने भी फर्जी तरीके से दो बार पासपोर्ट बनवा चुका है। दोनों अब तीसरी बार फर्जी पासर्पोट बनवाने की फिराक में थे।
विज्ञापन

जांच में फर्जीवाड़ा मिला तो पुलिस अधीक्षक के निर्देश और एकौना थाने के एसआई की तहरीर पर केस दर्ज किया गया। थानाध्यक्ष अर्चना सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए जाने पर केस दर्ज किया गया है। जांच में जिन लोगों की संलिप्तता पाई जाएगी, सभी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
-
पासपोर्ट ब्लैकलिस्ट हुआ...फर्जी कागजों का सहारा है ना
फर्जी मार्कशीट और संशोधन के नाम पर आधार कार्ड में फर्जीवाडे का चल रहा खेल

संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। जिले में हाल के दिनों में फर्जी तरीके से बनवाए गए पासपोर्ट के कई मामले सामने आए हैं। विदेश में ब्लैक लिस्ट होने के बाद लौटने पर कई लोग बड़ी आसानी से दस्तावेजों में हेरफेर कर दूसरा पासपोर्ट बनवा ले रहे हैं। इसके लिए आरोपियों को आसानी से मार्कशीट और फर्जी आधार कार्ड मिल जा रहे हैं। सत्यापन के दौरान दो गवाह मिलने के बाद पुलिस की ओर से भी हरी झंडी मिल जा रही है।
क्षेत्र के अधिकांश गांवों के लोग दुबई और थाईलैंड में रहते हैं। कई घरों की तीसरी पीढ़ी थाईलैंड में रह रही है। विदेश में कमाने वालों के अनुसार कई बार थाईलैंड में कारोबार में गड़बड़ी को लेकर पासपोर्ट को ब्लैक लिस्टेड कर स्वदेश भेज दिया जाता है। पासपोर्ट बनवाने के लिए आरोपियों को आसानी से स्कूलों से आठ पास का अंकपत्र मिल जा रहा। गड़बड़ी ठीक कराने के नाम पर जालसाज माता- पिता का नाम बदलवा कर नया आधार कार्ड जारी करा ले रहे हैं।
जिसके बाद आसानी से नए पासपोर्ट के लिए आवेदन कर दे रहे है। फर्जी पासपोर्ट के अधिकांश मामले थाईलैंड जाने वालों के ही मिल रहे हैं। उपडाकघर, आदर्श चौराहा, रामजी सहाय पीजी कॉलेज और तहसील के पास कुछ साइबर कैफे में आसानी से आधार कार्ड में संशोधन का धंधा बेखौफ चल रहा है। ये फर्जी आधार, निवास और जन्म प्रमाण पत्र बना देते है। दो दिन पहले बस स्टेशन के पास कूड़े के ढेर में बीस लोगों का आधार मिला था। नगर के इमामबाड़ा चौराहे पर पहले भी फर्जी आधार से सिम बेचने का धंधेबाज गिरफ्तार हो चुका है।
विज्ञापन


-
सत्यापन में सामने आ रही लापरवाही
पुलिस की ओर से किए जाने वाले पासपोर्ट सत्यापन में खुल कर लापरवाही सामने आ रही है। पासपोर्ट कार्यालय से सत्यापन आने के बाद पुलिस अपने कार्यालय की पंजिका-आठ से मिलान करने के बाद मोहल्ले के दो गवाहों के आधार पर जांच कर सत्यापन रिपोर्ट लगाती है। जानकारों का कहना है कि यदि पुलिस की ओर से इनका सत्यापन ठीक से किया गया,तो फिर दोबारा पासपोर्ट कैसे बन गया। लोग पुलिस की सत्यापन रिपोर्ट पर भी सवाल उठा रहे है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें