फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: खेत में सूख कर कुश हो रही धान की फसल

विज्ञापन
रुद्रपुर क्षेत्र में खेत में सूख कर कुश बन रही धान की फसलफोटो- संवाद
विज्ञापन
-महंगी सिंचाई कर अब धान की फसल बचाना किसानों के लिए बनी मुसीबत
विज्ञापन

-किसानों ने की सूखा क्षेत्र घोषित करने की मांग
-हर साल औसत से कम हुई बारिश से किसान बेहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। हर साल औसत से कम हुई बारिश से किसानों की मुसीबत बढ़ गई है। खेत में सूख कर कुश हो रही धान की फसल को देख किसान चिंतित हैं। फसल बचाने के लिए हर दूसरे दिन खेत में महंगे दाम पर सिंचाई करनी पड़ रही। इससे फसल की लागत भी किसानों का निकलना मुश्किल बना है। बेहाल किसान अब शासन प्रशासन से क्षेत्र को सूखा घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
मानसून से अच्छी बारिश की आसार लगाए किसानों ने मक्के से अधिक इस बार धान की रोपाई की। जुलाई के पहले सप्ताह में बरसात से किसान में धान की पैदावार बढ़ने की उम्मीद रही, लेकिन दो माह में कम हुई बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। क्षेत्र के अधिकांश खेतों में धान की फसल सूखने लगी है। कुछ किसान फसल को बचाने के लिए सिंचाई कर रहे हैं, हालांकि सिंचाई में खर्च ज्यादा होने से अब वह भी पीछे हटने लगे हैं।
विज्ञापन

लो वोल्टेज के कारण ट्यूबवेल के निकट वाले किसान भी धान को पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे। खाद, बीज में रुपया लगा चुके किसानों की कमर सिंचाई करने में टूट रही है।
सेमरौना के किसान शैलेष यादव ने कहा कि हर साल की अपेक्षा इस बार धान की फसल में किसानों का तीन गुना धन लग चुका है। दाना फूटने के कगार पर पहुंची धान की फसल को बचाना मुमकिन नहीं लग रहा। ऐसे में प्रदेश सरकार स्थानीय प्रशासन से सर्वे करा कर सूखा क्षेत्र घोषित कर दे, ताकि किसानों को कुछ राहत मिल सके।
विज्ञापन

अम्मा उर्फ अमवा गांव के किसान हरेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि प्रशासन को तत्काल क्षेत्र में फसलों का सर्वे कराना चाहिए। किसानों की पूंजी खेत में बर्बाद हो रही है। अब फसल बचाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में किसानों को सूखा राहत देना उचित होगा।

प्रशासन फसलों के हालात पर नजर जमाए है। किसानों की समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
-चंद्रशेखर वर्मा, तहसीलदार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें