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वायरल निमोनिया से घट रहा अचानक ऑक्सीजन लेवल

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लि अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती युवती को लगा आक्सीजन।संवाद - फोटो : DEORIA
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वायरल निमोनिया से घट रहा अचानक ऑक्सीजन लेवल
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कमजोर इम्युनिटी के लोगों को हो रही अधिक दिक्कत, होना पड़ रहा भर्ती
शुगर, सांस, टीबी के मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मौसम में बदलाव होने से वायरल घर-घर में दस्तक दे दी है। लोग बीमार हो रहे हैं। वहीं, वायरल निमोनिया से भी लोग चपेट में आ रहे हैं। इस बीमारी में कोरोना वायरस जैसे लक्षण मिल रहे हैं। लंबे समय तक बुखार, खांसी रहने से कुछ मरीजों का ऑक्सीजन लेवल कम हो जा रहा है। ऐसे मरीज इमरजेंसी में आ रहे हैं।
मौसम में परिवर्तन का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। ठंड, गर्म के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। लोग वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में बुखार, सर्दी, जुकाम के मरीज बढ़ गए हैं। मेडिसिन विभाग में वायरल फीवर से पीड़ित तकरीबन तीस से चालीस लोग इलाज कराने आ रहे हैं। इसमें कुछ लोग वायरल निमोनिया से भी ग्रसित होते हैं। वहीं, इमरजेंसी में बुखार व सांस लेने में दिक्कत के मरीज पहुंच रहे हैं। इन मरीजों का ऑक्सीजन लेवल 80 से 84 प्रतिशत पहुंच जाता है।
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इस तरह के मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट व दवा दी जा रही है। इससे अधिकांश मरीजों का कंट्रोल कर दिया जाता है। हालत में सुधार होने पर वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। इस समय वायरल निमोनिया से पीड़ित करीब सात मरीजों काशीनाथ, रामकिशुन, मिठाई, जितेंद्र, रामप्रकाश, राजकुमार, अजय सिंह का वार्ड में इलाज चल रहा है। ऑक्सीजन लेवल अधिक कम होने पर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।
मेडिकल कॉलेज के टीबी व चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सिंह ने बताया कि हर रोज ओपीडी में दस से बारह मरीज वायरल फीवर के आ रहे हैं। इसमें वायरल निमोनिया की चपेट में आने वाले करीब तीन से चार मरीज होते हैं। उन्होंने कहा कि वायरल संक्रमण जब फेफड़े तक पहुंच जाता है तो वायरल निमोनिया हो जाता है। मरीजों का एक्स-रे, सीटी स्कैन व सामान्य ब्लड जांच कराई जाती है और इलाज किया जाता है। सांस फूल रही है तो चिकित्सक को दिखाएं। एलर्जी से ग्रसित लोगों को सावधानी बरने की जरूरत है। वायरल को हल्के में न लें।
केस-एक
विकास खंड बैतालपुर क्षेत्र के जमुना की 75 वर्षीया कमला को करीब पांच दिन से बुखार से पीड़ित थी। भूख नहीं लग रही थी। दवा दी गई, लेकिन आराम नहीं हुआ। मंगलवार की रात हालत गंभीर होने पर परिजन इमरजेंसी में भर्ती कराए। सांस में दिक्कत के कारण ऑक्सीजन दिया गया।
केस-दो
गोरया घाट की बारह वर्षीया पूजा चार दिन से बुखार की चपेट है। उसे दवा दी गई, लेकिन राहत नहीं मिली। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज शुरू किया गया। उसकी हालत देख उसे ऑक्सीजन दिया गया।
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शुगर, सांस, टीबी रोग के मरीज बरतें सतर्कता
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. विजय गुप्ता ने बताया कि को-मार्बिड डिजीज शुगर, सांस, टीबी, किडनी सहित कम इम्युनिटी वाले लोगों को सतर्कता बरतनी चाहिए। इन्हें वायरल निमोनिया होने पर गंभीर होने का खतरा अधिक रहता है। अधिकतर मरीज जिन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखना पड़ता है। वे पहले इन बीमारियों की चपेट में रहते हैं। मरीज के एक्स-रे में फेफड़े में संक्रमण स्पष्ट न होने पर सीटी स्कैन कराया जाता है। सावधानी बरतें, हल्की डाइट लें, तला, भूना न खाएं। नियमित योगा करना चाहिए। सर्दी, जुमान, बुखार, सांस लेने में दिक्कत होने पर चिकित्सक से शीघ्र संपर्क करना चाहिए।
लक्षण
तीन से चार दिन बुखार होना
लगातार खांसी आना
सीने में दर्द, सांस फूलना
ये बरतें सावधानी
ठंडी चीज का सेवन न करें
फ्रीज के ठंडे पानी की जगह सामान्य पानी पीएं
एसी का प्रयोग कम करें, निकलने के बाद सीधे धूप में न जाएं
खान-पान पर ध्यान दें, प्रोटीनयुक्त भोजन का सेवन करें
मास्क का प्रयोग करें
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