डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को ज्ञापन सौपते शैक्षिक महासंघ के नेता
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने डिप्टी सीएम को सौंपा ज्ञापन
वीडियों काॅलिंग से निरीक्षण से भंग होगी शिक्षकों की निजता: जयशिव
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। परिषदीय स्कूलों में वीडियों काॅलिंग से निरीक्षण और मूल्यांकन का विरोध शुरू हो गया है। शिक्षक इसे तुगलगी फरमान बता रहे हैं। उन्होंने इस व्यवस्था से महिला शिक्षकों का अपमान होने की आशंका जताई है। वीडियो काॅलिंग पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने शुक्रवार को जिले में आए उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक को ज्ञापन देकर यह प्रक्रिया बंद कराने की मांग की।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद ने कहा कि यह आदेश शिक्षकों के निजता का हनन करने वाला है। विशेष तौर पर महिला शिक्षिकाओं के साथ दुर्व्यवहार की प्रबल संभावना है। निरीक्षण का यह तरीका समाज में शिक्षकों की छवि को धूमिल करने वाला है। उन्होंने ने कहा कि विभाग द्वारा पूर्व से ही विभिन्न अधिकारियों, ऐप एवं निरीक्षण के अनेक माध्यमों से बेसिक शिक्षा परिषद के अध्यापकों का निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है। ऐसे में वीडियो कॉलिंग से निरीक्षण करना उनकी निष्ठा और प्रतिष्ठा दोनों पर प्रश्न चिह्न उठाने जैसा है। प्रत्येक शिक्षक के पास कैमरा और इंटरनेट के साथ मोबाइल उपलब्ध नहीं है। ऐसे में आदेश का अनुपालन व्यावहारिक नहीं है। साथ ही विभाग की ओर से शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को कोई भी मोबाइल सीयूजी नंबर या इंटरनेट के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध नहीं कराई जाती है। कहा कि वीडियो कॉल से निरीक्षण की स्थिति में साइबर अपराधी इसका फायदा उठाकर ऐसे वीडियो का दुरुपयोग कर सकते हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में अशोक तिवारी, सत्य प्रकाश, आशुतोष नाथ तिवारी, आशुतोष अमन, अविनाश, राम बहादुर सिंह, सुनील यादव, सतीश चन्द्र, अमरेन्द्र कुशवाहा और माखन प्रसाद आदि मौजूद थे।