महुआडीह के पकड़िहवां गांव के रहने वाले थे किशोर, सड़कों पर खुलेआम घूम रहे छुट्टा पशु
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। महुआडीह चौराहा पर एक सांड़ की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। यह सांड़ चार दिन पहले एक पुलिसकर्मी सहित कई लोगों को घायल कर चुका है।
महुआडीह थाना क्षेत्र के पकड़िहवां गांव के रहने वाले किशोर यादव (65), रविवार शाम महुआडीह चौराहा पर बाजार करने गए थे। इसी बीच एक निराश्रित सांड़ ने उन्हें पटक दिया। इससे किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। घर के लोग इलाज कराकर घर लाए। देर रात को उनकी मौत हो गई। इस बात की जानकारी होते ही घर में चीख-पुकार मच गई। शव का बिना पोस्टमार्टम कराए ही दाह संस्कार कर दिया गया।
सिपाही सहित कई हो चुके हैं हमले का शिकार
चार दिन पहले उसी सांड़ ने थाने पर तैनात एक पुलिसकर्मी को पटक दिया था। वहीं, कुछ दिन पहले सांड़ ने रामपुर दुबे गांव के नाटा दुबे को मार दिया। उन्हें भी गंभीर चोट आई। इससे लोगों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं।
बड़े नेता और अफसरों के काफिले की बस रहती है चिंता
देवरिया। छुट्टा पशुओं को लेकर सीएम ने आदेश दिया था कि किसी भी हाल में मार्च के बाद सड़कों पर नहीं दिखाई दें। इसकी निगरानी के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए। शासन को रिपोर्ट में भेज दी गई कि एक भी छुट्टा पशु सड़क पर नहीं है। सभी को गो आश्रय स्थल पर भेज दिया गया है। पर हकीकत तो यह है कि छुट्टा पशु केवल बड़े नेताओं और अफसरों के आगमन पर ही याद आते हैं। उनके जाने के बाद फिर से उनका ठिकाना सड़क हो जाता है। इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं और अफसर बेपरवाह हैं।
छुट्टा पशुओं का हाल यह है कि शहर के विभिन्न जगहों पर अक्सर हर रोज मिल जाएंगे। शहर के मालवीय रोड, सिविल लाइंस, सब्जी मंडी और फोरलेन पर पशुओं घूमते नजर आते हैं। जबकि सरकारी इंतजाम पर गौर किया जाए तो नगर पालिका और जिला पंचायत दोनों की जिम्मेदारी है। इसके लिए अभी कुछ दिन पहले करीब बीस लाख रुपये का वाहन जिला पंचायत ने खरीदा है। जबकि दूसरी तरफ नई नगर पंचायत बैतालपुर, तरकुलवा, पथरदेवा, हेतिमपुर, मदनपुर और भलुअनी में छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है। इसके कारण इन जगहों पर निवास करने वाले पशुओं से परेशान हैं।