सिंघाड़ा निकाल रहे थे देवनारायण, छोटी नाव पलटने से हुआ हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। क्षेत्र के भड़सरा गांव स्थित एक पोखरी में शनिवार की शाम डूबने से जयनगर-गौरा निवासी देवनारायण (72) सोनकर की मौत हो गई। जानकारी होने पर घर में रोना-पिटना मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।
देवनारायण भड़सरा गांव स्थित रेलवे लाइन के निकट एक पोखरी में सिंघाड़ा की खेती किए हुए थे। परिजनों के अनुसार वह रोज की भांति सिंघाड़ा निकालने गए हुए थे। इसी बीच अचानक छोटी नाव पलट गई। जिससे वह डूब गए। हादसा देख आसपास के लोगों ने शोर मचाया। जिसे सुनकर लोग दौड़ पड़े। जानकारी होने पर परिवार और वार्ड के लोग भी पहुंच गए। करीब आधे घंटे के रेस्क्यू के बाद उन्हें बाहर निकाला जा सका। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। देवनारायण के मौत की जानकारी होने पर पत्नी देवंती पछाड़ खाकर गिर पड़ी। जबकि पुत्री सुनैना और वंदना का रो-रो कर बुरा हाल था। घटना से सभी हतप्रभ थे। सभी ईश्वर को कोस रहे थे। इंस्पेक्टर कपिलदेव चौधरी ने बताया कि सूचना पर पुलिस गई थी। शव को कब्जे में ले लिया गया है।
इंसेट में-
पुत्री को डोली में विदा करने का सपना रह गया अधूरा
बरहज। जयनगर-गौरा निवासी और मजदूर देवनारायण सिंघाड़ा आदि बेचकर परिवार की जीविका चलाते थे। उनकी तीन पुत्रियां रेनू, सुनैना और वंदना हैं। उन्होंने बड़ी पुत्री रेनू की शादी कर दिया था। जबकि सुनैना और वंदना के शादी के लिए अपने कमाई से पैसा इकठ्ठा कर रहे थे। लोगों के अनुसार पुत्री सुनैना के रिश्ते के लिए कुछ जगहों पर बात चल रही थी। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। देवनारायण की पुत्री को डोली विदा करने की हसरत अधूरी रह गई। घटना से सभी हतप्रभ हैं। मोहल्ले में सन्नाटा है।
रेनू, सुनैना, वंदना पत्नी देवंती