खाद्य पदार्थ की दुकानों पर की गई तेल की जांच
पंद्रह स्ट्रीट फूड वेंडर्स, फूड कोर्ट्स तथा समोसा, पकौड़ी की दुकानों पर हुई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन टीम ने सोमवार को पंद्रह स्ट्रीट फूड वेंडर्स, फूड कोर्ट्स तथा समोसा, पकौड़ी की दुकानों पर प्रयोग होने वाले तेल की मशीन से जांच की। इसमें मानक के अनुसार न मिलने पर एक लीटर तेल नष्ट कराया गया। साथ ही इस तेल से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से जिले में रीयूज्ड कुकिंग आयल को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। टीम सोमवार को गौरी बाजार चौराहे पर पहुंची। यहां 15 स्ट्रीट फूड वेंडर्स, फूड कोर्ट्स तथा समोसा पकौड़ी आदि बनाने वाले छोटे खाद्य दुकानदारों के रीयूज्ड कुकिंग ऑयल की जांच मशीन से की गई। इसमें 14 खाद्य पदार्थ विक्रेताओं के टीपीएम (टोटल पोलर मटेरियल ) 20 से नीचे पाए गए, जबकि एक खाद्य पदार्थ विक्रेता का टीपीएम 25 मिला। टीम ने उसका एक लीटर तेल मौके पर ही नष्ट करा दिया। टीम ने लोगों को बार-बार खाद्य तेलों के लगातार प्रयोग एवं उससे उत्पन्न होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी।
कहा कि दूषित तेल में तले हुए खाद्य पदार्थ के खाने से गंभीर बीमारियां होती हैं। तेल का अधिकतम केवल तीन बार उपयोग करने के बाद नष्ट कर दिया जाए। टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवेंद्र खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप श्रीवास्तव एवं खाद्य सहायक राम भरत शामिल रहे।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय रमेश चंद्र पांडेय ने बताया है कि टीम गौरीबाजार में दुकानों पर खाद्य तेल की जांच की। साथ ही दूषित तेल में बने खाद्य पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को जानकारी दी गई।