भागलपुर में पुल के मरम्मत का निरीक्षण करते अफसर
पुल विशेषज्ञ बीके रैना के डिजाइन पर भोपाल की सनफील्ड कंपनी पनी कर रही मरम्मत
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। भागलपुर पुल लगभग दो साल से क्षतिग्रस्त है। मुंबई की कंपनी ने चार करोड़ रुपये की लागत से दस माह तक मरम्मत कार्य किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पुल विशेषज्ञ बीके रैना की डिजाइन पर मरम्मत का जिम्मा भोपाल की सनफील्ड कंपनी को दिया गया। शुक्रवार को मरम्मत कार्य का निरीक्षण अफसरों ने किया।
बलिया-देवरिया को जोड़ने वाले सरयू नदी पर बने भागलपुर पुल पर मरम्मत के बाद आवागमन शुरू होते ही भारी वाहन के गुजरते वक्त छठवें, सातवें पाये की दरार दो फीट फैल गई थी। सूचना पर पहुंचे सेतु निगम के अधिकारियों ने आनन-फानन दोनों तरफ नौ फीट ऊंचा हाइट गेट बैरियर लगाकर दो पहिया वाहनों को छोड़कर सभी वाहनों पर रोक लगा दी। दिल्ली से पुल विशेषज्ञ बीके रैना को बुलाया गया। उसके बाद रैना के डिजाइन पर भोपाल सन फील्ड कंपनी ने एक लेन बंद कर मरम्मत कार्य अप्रैल में शुरू किया। मरम्मत कार्य का निरीक्षण करने शुक्रवार को मुख्य परियोजना प्रबंधक एके सिंह, परियोजना प्रबंधक वैभव सिंह, आरबी गौड़, अवधेश श्रीवास्तव और सनफील्ड कंपनी भोपाल के एमडी सुनील जाधव ने पुल की मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। बताया कि पुल के मरम्मत में अभी दो महीने और लग सकते हैं। इस बार मरम्मत हो जाने के बाद भारी वाहन भी चलने लगेंगे। एक लेन की ढलाई होने के बाद ऊपर गटर से पुल बनाया जाएगा, जिससे दूसरा लेन बंद होने के बाद लोहे के गटर के ऊपर से वाहन चलेंगे, जब ढलाई की जाएगी। जब तक स्लैब पूरी तरह पक न जाए, तब तक भारी वाहन छोड़कर सभी वाहनों का आवागमन होता रहेगा। मुख्य परियोजना प्रबंधक एके सिंह ने बताया कि पुल से हल्के वाहनों का आवागमन रोका नहीं जाएगा। जरूरत पड़ने पर कुछ घंटों के लिए आवागमन रोका जा सकता है। पुल की मरम्मत होने के बाद भारी वाहन भी चलने लगेंगे।