सोशल मीडिया के जरिये मोटी रकम कमाने के चक्कर में अपना रुपया गंवा दे रहे हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। घर बैठे रुपये कमाने की ललक में युवा अपने माता-पिता की गाढ़ी कमाई गंवा दे रहे हैं। अभी तक खाता बंद होने, बिजली बिल बकाया, एलआईसी प्रीमियम जमा करने जैसी बातों में फंसाकर जालसाजी होती थी, लेकिन लोग सजग हुए और पुलिस सख्त हुई तो जालसाजों ने अपना तरीका बदल दिया है।
अब वह इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर घर बैठे कमाने का ऑफर वाले विज्ञापन देकर खाता खाली का रहे हैं। साइबर सेल के आकंड़ों पर गौर किया जाए तो जनवरी से अप्रैल तक तीन माह में जालसाज 22 लोगों के खाते खाली कर चुके हैं। शहर की एक महिला डाॅक्टर की बेटी ने फेसबुक पर दोस्ती करने के बाद अमेरिका में नौकरी और शादी के नाम पर करीब 24 लाख रुपये गंवा दिए। फेसबुक पर मैसेज देखकर उमानगर निवासी हनुमान कुमार ने घर बैठे कमाने के चक्कर में 40 हजार रुपये गंवा दिए।
इसी तरह करीब सात ऐसे युवाओं ने पेन, पेंसिल और अन्य पैकिंग कर कमाने का विज्ञापन फेसबुक पर देखा और दस से बीस हजार की पूंजी जालसाजों को ट्रांसफर कर दी। बाद में पता चला कि वह ठगी के शिकार हो गए।
पुराने से सजग हुए तो बदला तरीका
साइबर सेल के प्रभारी राहुल सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया से आज हर युवा जुड़ा है। जालसाजों के पुराने तरीके से हर कोई धीरे-धीरे वाकिफ हो चुका है। इस वजह से अब जालसाज नए तरीके से उन्हें निशाना बना रहे हैं। सोशल मीडिया जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर 15 मिनट में हजारों रुपये कमाने का ऑफर दिए जा रहे हैं। आफिस भी नहीं जाना है और घर बैठे काम करना है। लुभाने के लिए सुंदर लड़कियों की फोटो लगी होती है। काॅलिंग के दौरान लड़कियों की आवाज का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके चक्कर में लोग फंस जाते हैं।
केस नंबर एक-
शहर के एक मोहल्ला निवासी शिवेश दिल्ली में इंजीनियर था। कोरोना संक्रमण के दौरान नौकरी छूट गई। फेसबुक के जरिये डेयरी प्लांट बैठा कर कमाई का विज्ञापन देखा तो उसने आधुनिक मशीन खरीदने के ऑर्डर देकर 35 हजार रुपये गंवा दिए।
-
केस नंबर दो-
शहर के साकेत नगर मोहल्ला निवासी एक युवती ने फेसबुक पर देखा कि घर बैठे हर माह 10 से 20 हजार कमाया जा सकता है। उसने मैसेज किया तो एक महिला ने उसे फोन कर पंजीकरण के नाम पर पांच हजार रुपये अपने खाते में मंगा लिए। इसके कारण वह ठगी का शिकार हो गई।
-
केस नंबर तीन
बरहज निवासी अशोक कुमार ने फेसबुक पर पेंसिल पैक कर पार्टटाइम जाॅब करने का विज्ञापन देखकर मैसेज कर दिए। इसके बाद उनके मोबाइल पर एक लड़की का फोन आया। उसने दो बार में सात हजार रुपये जमा करा लिए। ठगी होने पर उन्होंने साइबर सेल में शिकायत की।
-
कोट
सोशल मीडिया पर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं। जालसाज तरीका बदल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। इससे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। बिना सत्यापन किए किसी के पास रुपये नहीं भेजना चाहिए। फेसबुक सहित सोशल मीडिया पर इस तरह के विज्ञापन आ रहे हैं। ऐसे मामलों में पुलिस मुकदमा दर्ज कर खाते का संचालन रोकर रुपये वापस कराने का काम करती है।
-संकल्प शर्मा, एसपी