विकास खंड के कैथवलिया गांव में निर्माणाधीन अंत्येष्टि स्थल की छत गिरने के मामले में डीएम ने ग्राम प्रधान व सचिव को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है़। अन्यथा की स्थिति में अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए आहरित कुल शासकीय धनराशि की आधी धनराशि प्रधान व आधी सचिव को जमा करनी होगी।
कैथलिया गांव में छोटी गंडक नदी के किनारे अंत्येष्टि स्थल के निर्माण हेतु शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में रु. 24.36 लाख की धनराशि दो किश्तों में आवंटित किया गया था। जिसके निर्माण के लिए ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा 1812399.00 रुपये का भुगतान कराया गया है़। इस बीच 13 मई को निर्माणाधीन अंत्येष्टि स्थल की छत की ढलाई के दौरान भरभरा कर गिर गई। इसकी सूचना डीएम को दूरभाष पर दी गई। उन्होंने डीपीआरओ से जब इसकी स्थलीय जांच कराई गई तो प्रथम दृष्टया मानक के विपरीत निर्माण व शासकीय धन का दुरुपयोग पाया गया।
जिसके बाद डीएम ने सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवण कुमार चौरसिया, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता पीपी सिंह व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता मनीष सिंह को नोडल अधिकारी नामित कर इसकी तकनीकी जांच कराई गई। जांच टीम की आख्या के अनुसार अंत्येष्टि स्थल निर्माण हेतु आवंटित धनराशि रू. 24.36 लाख के सापेक्ष रू.1812399.00 का भुगतान कराना पाया गया।
साथ ही इसकी छत की ढलाई के दौरान छत का हिस्सा गिरा पाया गया। अंत्येष्टि स्थल में प्रावधानित आठ कालम में से दो कालम का निर्माण नहीं पाया गया। जबकि सेंटरिंग में प्रयुक्त हेरिजेंटल आई सेक्शन लोहे का था एवं वर्टिकल सेक्शन बांस का था जो लोड ट्रांसफर मेकेनिज्म के अनुसार सही नहीं है़। जांच आख्या के अनुसार अंत्येष्टि स्थल निर्माण में ग्राम प्रधान व सचिव सतीश कुमार मानक के विपरीत निर्माण के लिए संयुक्त रूप से दोषी पाए गए हैं। जिस पर डीएम अखंड प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के तहत प्रधान व सचिव को नोटिस भेजकर पन्द्रह दिवस के अंदर साक्ष्य व गवाह के साथ स्पष्टीकरण तलब किया है़। अन्यथा की स्थिति में आहरित की गई कुल धनराशि 18 लाख 12 हज़ार 339 रू में से आधी धनराशि रू 906169.50 ग्राम प्रधान व आधी सचिव से भू राजस्व की भांति वसूल कर विधिक कार्रवाई कर दी जाएगी।