संतोषजनक निराकरण न करने पर डीपीआरओ को नोटिस
जनता दर्शन में प्रधान और सचिवों के खिलाफ हुई थी शिकायत
जनसुनवाई पोर्टल अपलोड की गई आख्या से डीएम असंतुष्ट, मांगा स्पष्टीकरण
पांचों प्रकरणों को 25 अक्तूबर तक करना था निस्तारण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले जनता दर्शन के प्रकरणों के निस्तारण में हीलाहवाली करना जिला पंचायत राज अधिकारी को महंगा पड़ गया। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए जनसुनवाई पोर्टल पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने पर जिला पंचायत राज अधिकारी से 31 अक्तूबर तक स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही डीपीआरओ द्वारा स्पष्ट कारण दर्शित नहीं करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
डीएम के जनता दर्शन में 30 सितंबर को विकास खंड रुद्रपुर क्षेत्र के लालपुर परसिया निवासी कमलेश ने ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार करने की शिकायत की थी। 28 सितंबर को विकास खंड भाटपाररानी के सरयां गांव निवासी निर्भय नारायण सिंह ने ग्राम प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर से भुगतान की शिकायत की थी। 29 सितंबर को विकास खंड रामपुर कारखाना के भीखमपुर निवासी विनोद प्रसाद ने सचिव द्वारा विकास कार्यों का भुगतान न करने की शिकायत की गई थी।
28 सितंबर को विकास खंड बरहज के खुदिया बुजुर्ग गांव निवासी अमरीश सिंह ने 2015 से 2020 के बीच में पूर्व प्रधान द्वारा ग्राम पंचायत में की गई अनियमितता की शिकायत की गई थी। 26 सितंबर को विकास खंड तरकुलवा के बेलही निवासी नागेंद्र यादव ने ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा बिना कार्य कराये धन निकालने की शिकायत की गई थी। डीएम ने डीपीआरओ को इन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए 25 अक्तूबर निर्धारित किया था।
डीपीआरओ ने इन शिकायतों की गुणवत्तापूर्ण जांच नहीं कराई और आख्या पोर्टल पर अपलोड करा दी। डीपीआरओ द्वारा पूर्व में भी डीएम के निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया है। इससे नाराज होकर डीएम ने 31 अक्तूबर तक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।