गोर्रा नदी पर बने तटबंधों की सुरक्षा के नाम पर सिंचाई विभाग खानापूरी में जुटा है। पलिया कटान के पास बांध की मरम्मत कराई जा रही है। लोगों का कहना है कि यहां सिंचाई विभाग आबादी को बाढ़ से बचाने के बजाय डूबाने की तैयारी कर रहा है। आठ किलोमीटर लंबे बांध पर डेंजर जोन से मिट्टी खोद कर डाली जा रही है। गांववालों ने डेंजरजोन में हो रही खुदाई का विरोध किया है। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन देकर डेंजर जोन में खुदाई रोकने की मांग की।सुल्तानी गांव के शिवकुमार सिंह, विनोद मल्ल, हरिश्चंद सिंह, चंद्रिका मल्ल, श्याम लाल, रामप्रकाश ने एसडीएम राकेश सिंह से डेंजर जोन से मिट्टी खोदने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि आठ किलोमीटर पलिया सुल्तानी बांध के मरम्मत कार्य में सिंचाई विभाग जमकर लीपापोती कर रहा है। विभाग का ठेकेदार नदी और बंधे के बीच से जेसीबी मशीन से मिट्टी खोदकर मरम्मत का कार्य करा रहा है। यहां बंधे पर मरम्मत के नाम पर खानापूरी की जा रही है। ऐसे में बंधे को और कमजोर बनाया जा रहा है। बंधे के नीचे से मिट्टी खोदने से कटान का खतरा और बढ़ेगा। बंधे पर जगह-जगह दरारें पड़ी हैं। उसे बोरी में बालू भरकर पाटना चाहिए। उन्होंने कहा कि बांध की मरम्मत के नाम पर सिंचाई विभाग लाखों रुपये का वारा-न्यारा करने में लगा है। विभाग के ठेकेदार काम को जल्दी निपटाने के चक्कर में मानक की धज्जी उड़ा रहे हैं। गांववालों ने एसडीएम से मरम्मत कार्य की जांच कर डेंजर जोन से मिट्टी की खुदाई रोकने की मांग की। इस बाबत अवर अभियंता संत सुरेमन चौधरी ने कहा कि नदी और बांध के बीच से मिट्टी खोदने का निर्देश दिया गया है। यहां खुदाई से कोई खतरा नहीं होगा। दूर से मिट्टी लाने में दिक्कत हो रही है।