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Deoria News: पीएचसी, सीएचसी और हेल्थ वेलनेस सेंटर्स पर मना निक्षय दिवस

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निक्षय दिवस पर डीटीओ ने किया भ्रमण।संवाद - फोटो : DEORIA
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पीएचसी, सीएचसी और हेल्थ वेलनेस सेंटर्स पर मना निक्षय दिवस
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संभावित क्षय रोगियों की हुई टीबी की जांच, तीन टीबी मरीजों को लिया गया गोद
सबके सहयोग से होगा क्षय रोग का उन्मूलन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद के सभी सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर बृहस्पतिवार को निक्षय दिवस मनाया गया। ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या के सापेक्ष दस प्रतिशत मरीजों की बलगम जांच कराई गई। संभावित क्षय रोगियों की सूची के अनुसार उनकी एचआईवी और मधुमेह की भी जांच कराई गई। संभावित क्षय रोगियों की जांच, काउंसिलिंग व उपचार के लिए काउंटर तथा बैठने की व्यवस्था रही। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी सहित अन्य ने भ्रमण किया।
जिला क्षय रोग अधिकारी ने कपरवार में कहा कि क्षय रोग का उन्मूलन के लिए सबका सहयोग आवश्यक है। निक्षय दिवस से निजी चिकित्सक, अधिवक्ता, शिक्षक समेत समाज के सभी वर्गों के लोगों को जोड़ कर टीबी मरीजों को खोजना होगा। किसी के भी आसपास कोई लक्षण वाला व्यक्ति दिखता है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ाते हुए अस्पताल तक पहुंचाएं। उसे बताएं कि टीबी का संपूर्ण इलाज संभव है।
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उन्होंने कहा कि जनपद में 2831 टीबी मरीजों का उपचार चल रहा है। इलाज चलने तक मरीज को पांच सौ रुपये प्रति माह पोषण के लिए दिए जाते हैं। मरीज के लिए सिर्फ यह पोषण की रकम काफी नहीं होती है । जब मरीज को कोई मानसिक संबल देने वाला मिलता है और वह उसका नियमित ख्याल रखता है तो इलाज की राह आसान हो जाती है। इससे लोग बीमारी नहीं छिपाते हैं। एक टीबी मरीज के जांच व इलाज न कराने पर साल में 15 से 16 लोगों को टीबी संक्रमित कर सकता है। इसलिए समाज में टीबी के प्रति एक सकारात्मक माहौल तैयार करना होगा ।
प्रथम निक्षय दिवस पर 170 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों, जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी पर संभावित टीबी मरीजों के सैंपल एकत्र किए गए। जिनकी जांच के बाद टीबी मरीज चिह्नित कर उनका इलाज किया जाएगा। जिला अस्पताल स्थित क्षय रोग क्लीनिक पर डॉ. एचके मिश्रा, डॉ. विजय गुप्ता, डॉ. प्रतीक केजरीवाल ने मरीजों को जांच कराने के लिए भेजा।
चेस्ट व टीबी विभाग के असिस्टेंट प्रो. डॉ. अनुराग शुक्ला ने बताया कि पंद्रह मरीजों को बलगम जांच के लिए भेजा गया है। दिवस पर टीबी विभाग के डीपीसी देवेंद्र प्रताप सिंह, पीएमडीटी कोआर्डिनेटर चंद्र प्रकाश मणि, पीपीएम मृत्युंजय पांडेय ने स्वास्थ्य केंद्रों का भ्रमण किया।
तीन मरीजों को लिया गया गोद
निक्षय दिवस पर तीन क्षय रोगियों को गोद लिया गया। इसमें सीएचओ सोहनीपार पंकज प्रजापति, न्यू पीएचसी महुआडीह के सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइज विनय कुशवाहा, डॉ. अजीत श्रीवास्तव ने एक-एक मरीज को गोद लिया। उन्हें पौष्टिक खाद्य पदार्थ से भरा पैकेट दिया गया।
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हर पंद्रह तारीख को होगा निक्षय दिवस
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि अब माह की पंद्रह तारीख को सीएचसी, पीएचसी और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर निक्षय दिवस मनाया जाएगा। आशा द्वारा सभी संभावित क्षय रोगियों की सूची तैयार कर संगिनी और सीएचओ के माध्यम से संबंधित वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक ( एसटीएस) को उपलब्ध कराई जाएगी। क्षय रोग के इलाज, दवा, पोषण, आधारभूत संरचना और सभी संसाधनों का सरकारी तंत्र में प्रावधान है, लेकिन सफलता तभी मिलेगी जब सामाजिक और सामुदायिक सहयोग प्राप्त हो। ऐसा वातावरण तैयार करना होगा कि टीबी मरीज इस रोग को छिपाएं नहीं, बल्कि जांच कराएं। लक्षण वाले मरीजों को उनके बीच के ही लोग जांच व इलाज के लिए प्रोत्साहित करें। इलाज के दौरान मानसिक संबल प्रदान करें। ऐसा करने से टीबी का उन्मूलन संभव हो सकता है और निक्षय दिवस इसके लिए एक अच्छा प्लेटफॉर्म साबित होगा। दो सप्ताह से ज्यादा खांसी आने, बार-बार बुखार आने, भूख न लगने, रात में पसीना आने या सीने में दर्द हो रहा है तो ये टीबी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें। नियमित दवा का सेवन तय समय तक किया जाए तो यह पूरी तरह से ठीक हो जाती है।
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