संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी के पीछे कूड़े के ढेर पर एक नवजात मिला। उसके रोने की आवाज सुनकर नर्स और डॉक्टर पहुंचे। नवजात के पूरे शरीर पर चींटियां थीं। वह उसे काट रही थीं। वहां से उसे उठाकर एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। सूचना पर चाइल्ड केयर की टीम और पुलिस भी पहुंची। लोगों से नवजात के बारे में पता किया गया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
शहर में मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी बिल्डिंग के पीछे से मंगलवार की रात करीब दो बजे एक बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी। इसे सुनकर ड्यूटी पर तैनात नर्स व डॉक्टर पहुंच गए। नवजात कूड़े के ढेर पर पड़ा मिला। शरीर पर बड़ी संख्या में चींटियां थीं। डॉक्टर और नर्स ने साफ कर नवजात शिशु को एसएनसीयू में भर्ती कराया। नवजात की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। सूचना पर मेडिकल चौकी पुलिस और चाइल्ड केयर कर्मी भी पहुंच गए।
उन्होंने आसपास के लोगों से नवजात के बाबत पता किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पाई। इधर नवजात के मिलने की सूचना के बाद और भी लोग पहुंच गए। लोगों का कहना था कि चींटियों के काटने से नवजात रो रहा था। इस कारण डॉक्टर व नर्स पहुंए गए। यदि किसी जानवर के चंगुल में मासूम आया होता तो बच पाना भी मुश्किल होता।
चौकी प्रभारी मोहम्मद रिजवान ने बताया कि रात दो बजे जानकारी मिली। मौके पर पहुंचकर नवजात को भर्ती कराया गया। मामले की जांच की जा रही है। मेडिकल कॉलेज के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि बच्चा स्वस्थ है, शरीर पर चींटियों के काटने के निशान मौजूद हैं। उसकी हालत ठीक है, वजन 2.7 किलोग्राम है।