बिजली उपकेंद्र पर दो दिन लगातार ग्रामीणों के प्रदर्शन करने और एसडीओ के आने के बाद बदला गया था जला ट्रांसफाॅर्मर
संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में पंद्रह दिनों तक अंधेरा रहने के बाद जला ट्रांसफाॅर्मर बदला भी गया तो दो घंटे बाद फिर जल गया। लगातार दो दिनों तक ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर पहुंचकर प्रदर्शन किया था। फिर उप खंड अधिकारी सलेमपुर प्रथम आलोक कुमार के आने के बाद ट्रांसफाॅर्मर बदला गया था। बताते चलें कि 10 केवीए के ट्रांसफाॅर्मर से गांव में तकरीबन 65 कनेक्शन संचालित हो रहे थे।
बहादुरपुर गांव में प्रधान मंजू देवी के घर के पास एक दस केवीए का ट्रांसफाॅर्मर लगा था। इससे तकरीबन 60 से 65 कनेक्शन संचालित होते थे। ग्रामीणों का कहना था कि कनेक्शन बढ़ता गया, लेकिन क्षमता वृद्धि नहीं कराई गई। नतीजतन, आएदिन ट्रांसफाॅर्मर जलते रहता है। साल में 12 से 15 बार ट्रांसफाॅर्मर जल चुके हैं। इसके बाद परेशान ग्रामीण उपकेंद्र पर पहुंच दो दिनों तक प्रदर्शन किए। उसके बाद 10 की जगह 16 केवीए का ट्रांसफाॅर्मर लगाया गया। हालांकि, वह भी दो घंटे बाद जल गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार अगर 63 केवीए का ट्रांसफाॅर्मर नहीं लगा तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
ग्रामीण प्रधान मंजू देवी के नेतृत्व में अधीक्षण अभियंता देवरिया कार्यालय पर पहुंच प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यहां 63 केवीए से कम क्षमता का ट्रांसफाॅर्मर लगेगा तो ओवरलोड के चलते तत्काल जल जाएगा। जेई उमेश चंद ने बताया कि एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। उच्चाधिकारियों से बात कर क्षमता वृद्धि कराई जाएगी।
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गांव का कनेक्शन जोड़ते ही ब्लास्ट कर गया था ट्रांसफॉर्मर
खुखुंदू। बहादुरपुर गांव के लोगों का कहना है कि 16 केवीए का ट्रांसफाॅर्मर लगने के बाद दूसरे दिन शनिवार की सुबह कनेक्शन जोड़ते ही ब्लास्ट कर गया, लेकिन निगम से ग्रामीणों को बताया गया कि शाॅर्ट हुआ है। अभी सही हो जाएगा। कर्मचारियों ने पहुंचकर दो घंटे अथक मेहनत भी की तो तकरीबन दो घंटे तक दिन में ही गांव में बिजली जली। इसके बाद ट्रांसफाॅर्मर जवाब दे गया। कर्मचारियों का कहना है कि ओवरलोड के चलते कम क्षमता का ट्रांसफाॅर्मर लगते ही जल जा रहा है। इसको लेकर ग्रामीणों में बहुत रोष है। प्रधान मंजू देवी का कहना है कि इसलिए हम लोग 16 केवीए का ट्रांसफाॅर्मर लगवाने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे।