तटबंधो पर कटान और साही के बिल बढ़ा सकते हैं मुश्किलें
सरयू और राप्ती के बढ़ते जलस्तर से भयभीत हैं लोग, खतरे के निशान से दो मीटर नीचे बह रही नदी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। मानसून के दस्तक देने, भारी बारिश और नेपाल की ओर से एक क्यूसेक पानी छोड़ने से सरयू और राप्ती के जलस्तर में बढ़त दर्ज किया जा रहा है। तीन दिनों से जलस्तर में निरंतर हो रही वृद्धि से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। वहीं बंधों पर कटान और स्याही के बिल मुश्किलें खड़ा कर सकते हैं। फिलहाल सरयू खतरे के निशान 66.50 से दो मीटर नीचे 64.50 पर बह रही है।
थाना घाट पर करीब एक किलोमीटर दक्षिण बहने वाली सरयू के जलस्तर में इजाफा होने से नदी घाट के करीब तक पहुंच गई है। सरयू कपरवार संगम तट से कटइलवा तक बने नवीन बांध से सट कर बहने लगी है। सरयू के जलस्तर में वृद्धि होने के साथ-साथ राप्ती में भी सैलाब उमड़ आया है। भारी बारिश के कारण राप्ती नदी तट पर मोहरा-महेन, गायघाट-केवटलिया और सरयू पार दियारा में बने बांध पर जगह-जगह रेनकट बन गए हैं। वहीं साही के मांद बंधे को कमजोर कर रहे हैं। जो नदी में बाढ़ आने पर खतरा उत्पन्न कर सकते हैं। कपरवार संगम तट पर सरयू नवीन बांध से टकरा रही है। जिससे कटान रोकने के लिए लगाए गए पारको पाइन बह रहे हैं। कहीं-कहीं बंधा धंस भी गया है। तटवर्ती गांवों के ज्ञानेश्वर सिंह, जवाहिर यादव, मुखलाल, चंदन आदि का कहना है कि विभाग यदि समय से नहीं चेता तो नदी की बढ़त संकट खड़ा कर सकती है।
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जलस्तर में बढ़त आई है। सरयू खतरे के निशान से दो मीटर नीचे बह रही है। रही बात कटान और साही के बिल आदि जैसी समस्यांओं की तो पेट्रोलिंग कराकर इसे दूर करा लिया जाएगा।
अशाेक द्विवेदी सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग