देवरिया। बिना किसी साक्ष्य के आरोपित के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करना थाना कोतवाली की उप निरीक्षक व आरोप पत्र को बिना देखे न्यायालय में भेजना क्षेत्राधिकारी सदर पर बुधवार को भारी पड़ गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी की अदालत ने आरोपी अनमोल को तत्काल जेल से रिहा करने का आदेश देते हुए विवेचक के आरोप पत्र को निरस्त कर दिया। साथ ही विवेचक अंतिम मौर्य व क्षेत्राधिकारी सदर के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए एसपी व डीएम को पत्र भेजा है। संवाद