कंपोस्ट खाद बेचने पर आय का देना होगा विवरण
संवाद न्यूज एजेंसी
लार। गो-आश्रय से प्रतिदिन निकलने वाले गोबर का नगर पंचायत हिसाब रख रहा है। इसके लिए प्रतिदिन कितना गोबर उत्पादन हुआ, इसे गोबर पंजिका पर दर्ज किया जा रहा है। अगर कंपोस्ट खाद की बिक्री होती है, तो इससे हुए आय का ब्योरा देना होगा। इस नियम से इधर-उधर फेंके जा रहे गोबर अब आय का जरिया बनेगा।
नगर पंचायत के गो-आश्रयों में पशुओं को रखा जाता है। यहां रहने वाले पशुओं को प्रतिदिन खाने की व्यवस्था, भूसा, चारा, पशु चिकित्सा और निरीक्षण आदि के लिए पंजिका बनाई गई है। इसमें प्रतिदिन का रिकाॅर्ड दर्ज किया जाता है। इसी के आधार पर शासन के निर्देश पर गोबर उत्पादन पंजिका बनाई गई है। गोशाला से कितना गोबर प्रतिदिन निकला, इसे दर्ज किया जा रहा है। समय-समय पर जिले के जिम्मेदार अधिकारी इसका अवलोकन भी करेंगे। ईओ राजननाथ तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर गोबर पंजिका बनाई गई है। इसमें गोबर उत्पादन का प्रतिदिन का रिकाॅर्ड रखना है।
गो-आश्रय केंद्र से प्रतिदिन निकल रहे गोबर का नगर पंचायत मशीन की मदद से कंडा बनाएगा। यहां बने कंडे कस्बे के दुकानदारों को बेचा जाएगा। इससे नगर पंचायत को आय होगी। रावतपार रघेन स्थित गो-आश्रय केंद्र पर चार जून को प्रवास दिवस के रूप से मनाया जाएगा। ईओ राजननाथ तिवारी के मुताबिक सुबह आठ से सायं चार बजे तक कर्मचारी, पशुचिकित्सक सहित अन्य लोग प्रवास करेंगे। इसकी तैयारी चल रही है।