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Deoria News: बेटी को राप्ती नदी में फेंक कर पुल से कूद गई मां, दोनों की मौत

Wed, 12 Apr 2023 11:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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रहज के कपरवार स्थित राप्ती नदी में मां-बेटे के छलांग लगाने की सूचना पर जुटी भीड़ संवाद
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पटना जाने की बात कह ई-रिक्शा से पुल तक आई थी महिला
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। क्षेत्र के कपरवार स्थित उग्रसेन सेतु से बुधवार की दोपहर एक महिला अपनी बेटी को लेकर नदी में कूद गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से करीब एक घंटे के प्रयास के बाद मां-बेटी को नदी से बाहर निकालवाया। जिनकी मौके पर मौत हो गई थी। महिला की पहचान बढ़या फुलवरिया निवासी सत्यप्रकाश की पत्नी पदमा उर्फ वर्षा (30) और उसके आठ माह की पुत्री आराध्या के रूप में हुई। मां-बेटी के मौत की जानकारी होने पर गांव में सनसनी है। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। हालांकि अभी तहरीर नहीं मिली है, लेकिन पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
कपरवार मायके आई पदमा उर्फ वर्षा अपनी बच्ची आराध्या के साथ बरामदे में बैठी हुई थी। वह दोपहर को चौराहे पर गई थी। जहां पटना चौराहा जाने के लिए ई-रिक्शा से चल दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुल पर उसने ई-रिक्शा रोकवा कर बच्ची को नदी में फेंक कर छलांग लगा दी। राप्ती नदी में महिला को कूदते देख लोग शोर मचाने लगे। सूचना पर सहयोगी के साथ कांस्टेबल धीरज पहुंच गए। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से पानी में बह रहे दोनों को बाहर निकलवाया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। पदमा उर्फ वर्षा और उसकी पुत्री आराध्या के मौत की जानकारी होने पर मायके कपरवार पूरब टोला निवासी जनार्दन मिश्र के परिजन और ससुराल वाले भी नदी तट पर पहुंच गए। दोनों का शव देखकर रोना-पीटना मच गया। परिजनों के अनुसार वह 10 दिन पूर्व मायके कपरवार आई थी। मानसिक बीमार होने के कारण उसकी दवा चलती है। इंस्पेक्टर कपिल देव चौधरी ने बताया कि पंचनामा कराकर शव को कब्जे में ले लिया गया है।
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रिश्तों में शक की वजह तो नहीं बनी आत्महत्या
कपरवार स्थित उग्रसेन सेतु से कूदकर मां-बेटी के जान देने का मामला
बरहज। भलुअनी थाना क्षेत्र के बढ़या फुलवरिया गांव निवासी महिला पदमा उर्फ वर्षा ने जिस बेटी को अपने कलेजे के टुकड़े की तरह मानती थी उसे लेकर नदी में छलांग लगा दी। इस घटना की वजह पारिवारिक विवाद ही बताया जा रहा है। गांव में चर्चा है कि पति-पत्नी के बीच शक की दीवार थी। इसके कारण यह घटना हुई है।
पुलिस सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि महिला अक्सर मोबाइल से बातें करती थी। वह पति पर भी आए दिन शक करती थी। शादी के बाद से ही वह गांव में रहना नहीं चाहती थी। इसको लेकर एक बार और विवाद हुआ था। इसके बाद मायके और ससुराल पक्ष के बीच पंचायत भी हुई थी। समझौता होने के बाद मामला शांत हो गया था। बुधवार को महिला घर से निकलने से पहले काफी देर तक मोबाइल से बात की थी। पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचने में जुटी है कि उसकी लंबे समय तक किससे बात होती थी। एक बात तो साफ है कि पति-पत्नी का आपसी सामंजस्य नहीं बैठता था, जिसके चलते रिश्ते में दरार भी पैदा हो गई थी।
सीओ बरहज अंशुमन श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्ष उनके पास आए थे। पहले तो पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हो रहे थे, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम कराने के लिए शव देवरिया भेज दिया गया है। आत्महत्या का कारण पारिवारिक विवाद ही है, जिसकी जांच की जा रही है। हर बिंदुओं की गहनता से जांच करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इंसेट में-
दो दिन पूर्व कपरवार आया था पति
बरहज। क्षेत्र के कपरवार पूरब टोला निवासी जनार्दन तिवारी के चार संतानों में पदमा उर्फ वर्षा तीसरे नंबर की थी। इसकी शादी बढ़या फुलवरिया गांव निवासी सत्यप्रकाश से हुई है। उसे दो संतान रुद्रांश और आराध्या हैं। सत्यप्रकाश दो दिन पूर्व कपरवार ससुराल आया था। जो बेटे रुद्रांश को साथ लेकर गांव चला गया। पदमा भी दो दिन बाद ससुराल जाने वाली थी, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। दोनों की मौत से परिजन और ससुराल के लोग हतप्रभ हैं।
इंसेट में-
सुसाइट प्वाइंट बना उग्रसेन सेतु, 12 से अधिक लोगों की जा चुकी है जान
-पूर्व डीएम अनीता श्रीवास्तव के आदेश के बाद भी नहीं लग सकी जाली
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। क्षेत्र के कपरवार के राप्ती नदी तट स्थित उग्रसेन सेतु सुसाइट प्वाइंट बन चुका है। पुल से नदी में कूदकर करीब एक दर्जन से अधिक लोग जान गवां चुके हैं। इसको देखते हुए ग्रामीणों ने पूर्व जिलाधिकारी अनीता श्रीवास्तव से पुल के रेलिंग पर जाली लगवाने की मांग की थी, लेकिन पूर्व डीएम के आदेश के बाद भी अब तक जाली नहीं लग सकी है।
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रामजानकी मार्ग स्थित राप्ती नदी तट पर पुल निर्माण कराया गया है। जो गोरखपुर जनपद के अलावा बनारस, मऊ, आजमगढ़, गाजीपुर आदि जिलों को जोड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार पुल निर्माण के कुछ माह बाद गांव के ही नन्हें ने नदी में छलांग लगा दी थी, जिससे डूबने से उनकी मौत हो गई थी। 16 मार्च को सुरौली थाना क्षेत्र के बरडीहा अली निवासी अखिलेश प्रजापति किसी बात को लेकर पत्नी से विवाद के बाद नदी में कूदकर जान दे दिए थे। जयनगर के 65 वर्षीय राधेश्याम मद्धेशिया पुत्र पुरुषोत्तम सहित हीरामन परसियां आदि जगहों के दर्जनों लोग नदी में छलांग लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर चुके हैं। पुल से आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को लेकर गांव के देवेश सिंह, ज्ञानेश्वर सिंह, हनुमान गुप्त, अखिलेश सिंह आदि ने तत्कालीन डीएम अनीता श्रीवास्तव से पुल के रेलिंग पर जाली लगवाने की मांग किया था। जिस पर उन्होंने आश्वासन दिया था।
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