आशा कार्यकर्ता पर सीएचसी से रेफर मरीज को नर्सिंग होम ले जाने का आरोप
डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, नवजात स्वस्थ्य
भटनी। जिले में सक्रिय मरीज माफिया ने एक और जान ले ली। सीएचसी से मेडिकल कॉलेज रेफर हुई प्रसूता को आशा कार्यकर्ता ने बेहतर इलाज का झांसा देकर एक नर्सिंग होम में पहुंचा दिया। यहां ऑपरेशन से बच्ची को जन्म देने के बाद महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर नर्सिंग होम में हंगामा और तोड़फोड़ की। पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
भटनी क्षेत्र के रायबारी गांव निवासी अमरजीत सिंह की 26 वर्षीय पत्नी निभा सिंह गर्भवती थीं। शनिवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो घर वाले प्रसूता को लेकर सीएचसी पहुंचे। साथ में एक आशा कार्यकर्ता भी थी। यहां पर डॉक्टर ने खून की कमी बताकर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। आरोप है कि आशा कार्यकर्ता ने घर वालों को गुमराह किया। वह मरीज को लेकर मेडिकल कॉलेज की जगह भटनी के एक नर्सिंग होम में चली गई। यहां ऑपरेशन के बाद प्रसूता ने बच्ची को जन्म दिया। पति अमरजीत सिंह ने बताया कि पत्नी के शरीर में खून की कमी थी। लापरवाह डॉक्टरों ने बिना जांच किए ऑपरेशन कर दिया। इससे उसकी मौत हुई है। परिजनों के हंगामे और तोड़फोड़ की वजह से डाॅक्टर और कर्मचारी अस्पताल से भाग गए।
रविवार की सुबह परिजन शव लेकर थाने पहुंचे और डॉक्टर पर ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने की मांग की। परिजनों का आरोप है कि आशा कार्यकर्ता जबरन नर्सिंग होम में लेकर गई थी। सूत्रों की मानें सीएचसी की एक स्टाॅफ नर्स ने भी परिजनों से नर्सिंग होम जाने की सलाह दी थी। पुलिस के अनुसार तहरीर मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
कोट
पोस्टमार्टम के लिए शव को भेजा गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें पुलिस ने कार्रवाई की है। सीएमओ के स्तर से भी जांच कर बिना रजिस्ट्रेशन चलने वाले अस्पतालों पर शिकंजा कसना चाहिए।- संकल्प शर्मा एसपी देवरिया
ऑपरेशन में लापरवाही से प्रसूता की मौत की जानकारी मिली है। जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के नोडल अफसर को आदेश दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने पर जो दोषी मिलेगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद ही पता चलेगा कि अस्पताल वैध है या नहीं।
-डॉ. राजेश झा, सीएमओ देवरिया